बस्ती (यूपी)। करीब 5000 लोगों को घेर कर मार दिया गया था और महुआ डाबर नाम के… Read More
संस्कृति-समाज
इंदौर। धर्म में ग़लती बताने पर फ़तवा दे दिया जाता है, सिर भी क़लम किया जा सकता है,… Read More
वर्गों में समाज-विभाजन से अस्तित्व में आये ‘सभ्यता’ के इतिहास के हर युग में ‘ज्ञान’ सामाजिक वर्चस्व… Read More
“नादब्रह्म” मात्र एक दर्शन नहीं, एक जीवन पद्धति है। भारतीय परंपरा में ध्वनि को ही ब्रह्म माना… Read More
आत्मकथा के जरिये शिक्षक एस.पी. बंसल ने अपने जीवन के साथ-साथ शिक्षा को लेकर समाज के दृष्टिकोण,… Read More
आज सुबह जब मैं सैर कर रहा था, तब मैंने देखा कि एक आदमी गुलेलनुमा अस्त्र से… Read More
नई दिल्ली। हिन्दी कविता की युवतम पीढ़ी में पार्वती तिर्की का स्वर अलग से पहचाना जा सकता… Read More
लोहार पीढ़ियों से किसानों के लिए औज़ार बनाते रहे हैं, जिनके बिना खेती का काम अधूरा था।… Read More
आज एक बार फिर विश्व बाल श्रम निषेध दिवस आ गया है। कैलेंडर के इस दिन को… Read More
नक्सलबाड़ी आन्दोलन के दौरान जब कॉमरेड चारू मजूमदार के नेतृत्व में CPI (ML) की पहली कांग्रेस 1970… Read More