आज के समय में जातिगत जनगणना और “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” जैसे विषय राजनीति… Read More
संस्कृति-समाज
जिस बेडिन समाज को भारत में एक समय तक आपराधिक जनजाति की श्रेणी में रखा जाता रहा,… Read More
साहित्य कला और संस्कृति के क्षेत्र में बहुमुखी प्रतिभा के बहुत से लोग हुए और उनके काम… Read More
अँधेरनगरी आज अगर एक खुशहाल राज्य है, और अगर यहां के नागरिक अपने रोटी-कपड़ा-मकान-रोजगार-शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी तुच्छ भौतिक… Read More
पिछले मंगलवार को दिल्ली के जवाहर भवन में एक फिल्म देखी। “इन गलियों में”। फिल्म का नाम… Read More
कार्ल मार्क्स ने 19वीं सदी में वैज्ञानिक समाजवाद का सिद्धांत प्रतिपादित किया था। तब से लेकर आज तक दुनिया भर… Read More
आजकल भारत के बहुसंख्यक हिंदुओं में से कट्टरपंथी तत्व बांग्लादेश के मुस्लिम बहुसंख्यकों में बढ़ते कट्टरपंथ पर… Read More
होठों पर सच्चाई रहती है, जहां दिल में सफाई रहती है। हम उस देश के वासी हैं,… Read More
वीरेंद्र सेंगर वहां चले गये जहां से कोई कभी लौट कर नहीं आता। लेकिन वे लोगों की… Read More
भगत सिंह हिंदुस्तान के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित थे। स्वतंत्रता का अर्थ उनकी नजर में अंग्रेजों… Read More