संस्कृति-समाज

जन्मदिवस विशेष : क्यों जरूरी है ज्योतिबा फुले को याद करना

आज के समय में जातिगत जनगणना और “जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी” जैसे विषय राजनीति… Read More

अँधेरनगरी के लोकतंत्र से राजतंत्र बनने की कहानी

अँधेरनगरी आज अगर एक खुशहाल राज्य है, और अगर यहां के नागरिक अपने रोटी-कपड़ा-मकान-रोजगार-शिक्षा-स्वास्थ्य जैसी तुच्छ भौतिक… Read More

पुस्तक समीक्षा : कारपोरेट-कम्यूनल गठजोड़ का समाजवादी विकल्प बताने वाली पुस्तक

कार्ल मार्क्स ने 19वीं सदी में वैज्ञानिक समाजवाद का सिद्धांत प्रतिपादित किया था। तब से लेकर आज तक दुनिया भर… Read More

शहादत दिवस पर विशेष : सांप्रदायिक राजनीति के धुर विरोधी थे भगतसिंह

भगत सिंह हिंदुस्तान के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित थे। स्वतंत्रता का अर्थ उनकी नजर में अंग्रेजों… Read More