संस्कृति-समाज

कविता कृष्णपल्लवी के एक सघन काव्य बिंब का लकानियन विश्लेषण

एक दिलचस्प और चौंकाने वाला सघन बिंब जिसकी बहुस्तरीयता इसकी थोड़ी विस्तृत मनोविश्लेषणात्मक व्याख्या के लिए उकसाती… Read More

पुस्तक समीक्षा: भारतीय लोकतंत्र की दशा-दिशा की पड़ताल करती ‘जनतंत्र की जड़ें’

आजादी के बाद देश ने जिस शासन प्रणाली को चुना-वह संसदीय लोकतंत्र है। राजनीतिक विमर्श में यह… Read More

मूल्यों और प्रगति को बदरंग करता अंधविश्वास,धर्म और आध्यात्मिकता का घालमेल

जितना पुराना धर्म है, उससे कहीं ज़्यादा पुराना शायद अंधविश्वास है। शुरुआत में हर धर्म सही मायने… Read More

किताब ‘मख़दूम मोहिउद्दीन : सुर्ख सवेरे का शायर’ का विमोचन

नई दिल्ली। प्रगति मैदान में आयोजित विश्व पुस्तक मेले में लेखक-पत्रकार ज़ाहिद ख़ान की नई किताब ‘मख़दूम… Read More