संस्कृति-समाज

ज्योतिबा के जन्मदिन पर विशेष: निरक्षरता है सारी विपत्तियों की जड़

सारी विपत्तियों का आविर्भाव निरक्षरता से हज्योतिबा फुले ने अपनी पुस्तक ‘गुलामगिरी’ (स्लेवरी) में स्पष्ट लिखा है… Read More

शायर अख़तर पयामी : क़िस्सा-ए-काकुल-व-रुख़सार लिये आया हूं

अख़तर पयामी इस बर्रे सग़ीर के (हिंद उपमहाद्वीप) बड़े सहाफ़ी, अज़ीम दानिश्वर और अवामी शायर थे। जिनकी… Read More

कैफ़ी आज़मी: मुहब्बतों का गीत था बग़ावतों का राग

‘मेरी आवाज़ सुनो’ तरक़्क़ीपसंद तहरीक से वाबस्ता रहे शायर-नग़मा निगार कैफ़ी आज़मी की जीवनी है। जिसमें इस… Read More

विश्व मानवता के धरोहर मैक्सिम गोर्की

अल्योशा यानी अलिक्सेय मक्सिमाविच पेशकोफ यानी मैक्सिम गोर्की पीड़ा और संघर्ष की विरासत लेकर पैदा हुए। उनके… Read More