संस्कृति-समाज

विश्व मानवता के धरोहर मैक्सिम गोर्की

अल्योशा यानी अलिक्सेय मक्सिमाविच पेशकोफ यानी मैक्सिम गोर्की पीड़ा और संघर्ष की विरासत लेकर पैदा हुए। उनके… Read More

जन्मदिन विशेष: साहिर के नग़मों में सियासी और समाजी नज़रिया

साहिर लुधियानवी को अपनी नज़्मों से देश-दुनिया में ख़ूब मक़बूलियत मिली। अवाम का ढेर सारा प्यार मिला।… Read More

रेणु का कथा साहित्य : कस्बाई एवं ग्राम्य जीवन के संघर्षों का सांस्कृतिक महा-आख्यान

स्वातंत्र्योत्तर भारत के निर्विवाद आंचलिक उपन्यासकार फणीश्वर नाथ रेणु का साहित्य आज़ादी के बाद दम तोड़ते निम्न… Read More

‘जीते जी इलाहाबाद’: जहां जमुना के छलिया जल जैसे सत्य से आँखें दो-चार होती हैं!

दो दिन पहले ही ममता कालिया जी की किताब ‘जीते जी इलाहाबाद’ प्राप्त हुई, और पूरी किताब… Read More