संस्कृति-समाज

किताब में छिपी है गांव की पीड़ा और किसानों का दर्द

लेखक चाहते थे कि पुस्तक प्रसारित हो तो देश में रोज़गारविहीन जन विरोधी विकास नीति पर देशव्यापी… Read More

पुण्यतिथि पर विशेष: भारतीय सिनेमा, शरतचंद्र और ऑल टाइम क्लासिक ‘देवदास’

सौ बरस से ज़्यादा उम्र के हिंदी सिनेमा में साहित्यिक कृतियों पर अनेक कामयाब फ़िल्में बनी हैं।… Read More

लोकतंत्र का प्रहरी बन गया है डॉ. रत्नाकर का कैनवास

जैसे-जैसे डा. रत्नाकर लाल की पुरानी-नई कलाकिृयां मेरी नज़रों से गुज़रती जाती हैं वैसे-वैसे कला को समझने… Read More

हिंदू कट्टरपंथी स्वामी विवेकानंद का करते हैं बेजा इस्तेमाल

भारतीय समाज में ऐसे कई समाज सुधारक हुए जिन्होंने समाज के ढ़ांचे को पूरी तरह बदल कर… Read More

जयंती पर विशेष: आज अगर विवेकानंद होते तो उन्हें भी हिंदू विरोधी करार दे दिया जाता!

हर देश-काल में ऐसी विभूतियां हुई हैं, जिन्हें बहुत छोटा जीवन मिला, लेकिन छोटे से जीवनकाल में… Read More

मोहन राकेश ने दी हिंदी नाटकों को एक नई पहचान

मोहन राकेश हिंदी साहित्य के उन चुनिंदा साहित्यकारों में हैं जिन्हें ‘नयी कहानी आंदोलन’ का नायक माना… Read More

जन्मदिन पर विशेष: करिश्माई और बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे कमलेश्वर

कमलेश्वर एक बहुआयामी प्रतिभा से संपन्न साहित्यकार थे। कमलेश्वर ने उपन्यास, कहानी, नाटक, संस्मरण, पटकथा विधाओं में… Read More

सावित्री बाई फुले ने शैक्षिक क्रांति की मशाल से मोड़ दी महिलाओं के इतिहास की धारा

दलित अधिकारों के लिए फुले-अंबेडकरवादी आंदोलन ने बहुजन समुदाय के संघर्ष और उत्थान की कल्पना की, जिसमें… Read More

साबित्रीबाई फुले: महिला सशक्तिकरण की पहली सूत्रधार

महाराष्ट्र के लोकसमाज में सावित्रीबाई फुले का जीवन स्त्रियों के लिए सदैव प्रेरणास्पद रहा है। उनका जीवन… Read More