जेईई की तरह नीट भी 2 चरणों में, कंप्यूटर-आधारित कराने पर विचार : केंद्र का हलफनामा

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि नीट-यूजी  2026 से जुड़े विवाद के बाद उसने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रियाओं में बदलाव करने जा रही है जिनमें जेईई की तरह नीट भी दो चरणों में और कंप्यूटर आधारित कराने पर विचार शामिल है।

एनटीए में संरचनात्मक सुधार की मांग करने वाली याचिकाओं के जवाब में केंद्र ने उन उपायों के बारे में बताया जो कोर्ट के 29 मई, 2026 के आदेश के बाद अपनाए गए। कोर्ट ने आदेश दिया था कि सरकार बताए कि नीट परीक्षाओं के आयोजन को कैसे संस्थागत बनाया जाएगा ताकि पिछले दौर से सीखे गए सबक याद रखे जा सकें और भविष्य में होने वाली गलतियों को रोका जा सके।

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि कई चीजें कोडेड होगी। साथ ही एक स्टैंडिंग रिव्यू सिस्टम इसकी देखरेख करेगा। इसके दो बड़े कदम हैं। इसमें एक सख्त सजा के नियम और परीक्षा सुधारों पर नंदन नीलेकणि की अगुवाई वाली टास्क फ़ोर्स।

केंद्र ने कहा कि परीक्षा की ईमानदारी पक्का करने के लिए अब एक मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी सिस्टम बनाया गया है, और नीट को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग में बदलने पर अभी एक्टिवली विचार किया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने कहा कि ईसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन, जो एक्सपर्ट्स की हाई-लेवल कमेटी के हेड हैं, की लीडरशिप में, एक बड़ा एंड-टू-एंड सिक्योरिटी डिजाइन बनाया गया है जो परीक्षा के हर स्टेज को कवर करता है। प्रश्न-पत्र सेट करने से लेकर कैंडिडेट के हाथ में पेपर देने तक, और रिजल्ट घोषित करने तक।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के अंडर सेक्रेटरी पंकज कुमार सिन्हा द्वारा फाइल किए गए हलफनामे में कहा गया है, संसद ने अब सार्वजनिक परीक्षा (गलत तरीकों से बचाव) संशोधन अधिनियम, 2026 पारित कर फ्रेमवर्क को और मजबूत किया है, जो एग्जाम की ईमानदारी से समझौता करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान करता है, जो एक मजबूत कानूनी इच्छाशक्ति का सबूत है।

हलफनामे में कहा गया है कि नीलेकणी के नेतृत्व वाली टास्क फोर्स को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा ली जाने वाली परीक्षाओं में शुरू से आखिर तक सुधारों को लागू करने के लिए समीक्षा, सुझाव और मार्गदर्शन करना है। इसमें एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने, सिक्योरिटी और इंटीग्रिटी प्रोटोकॉल को मजबूत करने, दुनिया भर में बेंचमार्क वाली परीक्षा प्रणाली डिजाइन करने और समय पर लागू करने का रोडमैप बनाने पर खास जोर दिया जाएगा। टास्क फोर्स बनने के तीन महीने के अंदर अपनी सिफारिशें देगी।

हलफनामे में कहा गया है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने हाल ही में अपने आठ बड़ी परीक्षाओं में से सात को मल्टी-सेशन, मल्टी-डे शेड्यूल के साथ कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग में माइग्रेट कर दिया है. इनमें जेईई मेंन, सीयूईटी (यूजी) , सीयूईटी (पीजी), यूजीसी नेट और सीएसआईआर-नेट शामिल हैं. नीट (यूजी) अभी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी का एकमात्र बड़ा एग्जाम है जो पेन-एंड-पेपर मोड में होता है। नीट यूजी को भी कंप्यूटर आधारित करने पर विचार किया जा रहा है

सुप्रीम कोर्ट उन याचिकाओं के एक बैच पर सुनवाई कर रहा था, जिनमें नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक होने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को खत्म करने और देश में प्रवेश परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव की मांग की गई थी।

(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और क़ानूनी मामलों के जानकार हैं।)

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