उन्नाव गैंगरेप: पीड़िता के चाचा का रायबरेली से तिहाड़ जेल ट्रांसफर का आदेश, सीआरपीएफ ने संभाली सुरक्षा की कमान

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नई दिल्ली। उन्नाव गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज फिर सुनवाई की। कोर्ट ने पीड़िता के चाचा महेश सिंह को तत्काल रायबरेली की जेल से तिहाड़ जेल में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है। साथ ही परिजनों के अनुरोध पर पीड़िता को अभी एयरलिफ्ट कराने के आदेश पर रोक लगा दी है।

क्योंकि परिजनों का कहना है चूंकि पीड़िता अभी वेंटिलेटर पर है इसलिए उसको बाहर ले जाना संभव नहीं है। हालांकि इसके साथ ही परिवार के वकील ने कोर्ट के सामने किसी भी समय जरूरत पड़ने पर इसका आवेदन देने की छूट मांगी है। जिसको कोर्ट ने मान लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने अगली सुनवाई सोमवार के लिए मुकर्रर की है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच ने किया।

पीड़िता के वकील महेंद्र सिंह के घर पर तैनात सीआरपीएफ के जवान।

दूसरी तरफ पीड़िता की मां को उन्नाव प्रशासन ने 25 लाख रुपये का चेक भेज दिया जिसे आज सुबह लखनऊ के डीएम ने केजीएमसी में जाकर पीड़िता की मां को सौंप दिया। इस बीच, पीड़िता के गांव माखी में और उसके वकील के घर पर सीआरपीएफ के जवान तैनात कर दिए गए हैं। परिजनों की पूरी सुरक्षा सीआरपीएफ ने संभाल ली है।

इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया को भी पीड़िता की पहचान को सीधे या फिर परोक्ष रूप से जाहिर न करने का आदेश दिया। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मसले पर बेहद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कई कड़े फैसले सुनाए थे। जिसमें मामले को यूपी से बाहर दिल्ली में सुनवाई करने का आदेश पारित किया था। सुरक्षा व्यवस्था सीआरपीएफ को दे दी थी। और परिजनों को 25 लाख रुपये देने का निर्देश दिया था। इसके अलावा परिजनों की सलाह पर पीड़िता को इलाज के लिए दिल्ली एयरलिफ्ट करने का निर्देश दिया था।

इस बीच,सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। उसने जेल अधिकारियों से पिछले दिनों कुलदीप से मिलने आने वाले लोगों का विवरण मांगा है। इसके साथ ही उसकी एक टीम ने दुर्घटनास्थल का भी दौरा कर मौके का पूरा जायजा लिया। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। और अगर इसमें कोई भी अफसर अपनी तरफ से लापरवाही या फिर किसी तरह की ढिलाई बरतता है तो उसको उसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

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