हाथरस हादसा: मायावती ने कहा-‘ऐसे बाबाओं के विरुद्ध होनी चाहिए सख्त कार्रवाई’

नई दिल्ली। हाथरस हादसे पर राजनीतिक दल बहुत नपे-तुले शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों, इस मामले में अपना कदम बहुत फूंक-फूंक कर रख रहे हैं। मजमा इकट्ठा करने वाले बाबा के प्रति राजनीतिक दलों में काफी नरमी देखी जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भले ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का बयान दिए हों, लेकिन उन्होंने भी सूरजपाल सिंह जाटव यानि नारायण साकार हरि को अभी तक गिरफ्तार नहीं करा सके हैं, बल्कि एफआईआर में उसका नाम तक नहीं है। कहा जा रहा है कि यह सब नारायण साकार हरि के व्यापक अनुयाइयों की संख्या के कारण हो रहा है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाथरस में एक ‘सत्संग’ में हुई भगदड़ के मुख्य आरोपी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है। भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं। पुलिस ने एफआईआर में मुख्य सेवादार मधुकर को मुख्य आरोपी बनाया था। इस मामले पर अब बीएसपी चीफ मायावती ने प्रतिक्रिया दी है।

मायावती ने कहा कि देश में गरीबों, दलितों व पीड़ितों आदि को अपनी गरीबी व अन्य सभी दुःखों को दूर करने के लिए हाथरस के भोले बाबा जैसे अनेकों और बाबाओं के अन्धविश्वास व पाखण्डवाद के बहकावे में आकर अपने दुःख व पीड़ा को और नहीं बढ़ाना चाहिए, यही सलाह है।

बीएसपी चीफ ने कहा कि बल्कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के बताए हुए रास्तों पर चलकर इन्हें सत्ता खुद अपने हाथों में लेकर अपनी तकदीर खुद बदलनी होगी अर्थात् इन्हें अपनी पार्टी बीएसपी से ही जुड़ना होगा, तभी ये लोग हाथरस जैसे काण्डों से बच सकते हैं जिसमें 121 लोगों की अति-चिन्ताजनक मृत्यु हुई।

उन्होंने कहा कि हाथरस काण्ड में, बाबा भोले सहित अन्य जो भी दोषी हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे अन्य और बाबाओं के विरुद्ध भी कार्रवाई होनी जरूरी। इस मामले में सरकार को अपने राजनैतिक स्वार्थ में ढ़ीला नहीं पड़ना चाहिए ताकि आगे लोगों को अपनी जान ना गवांनी पडे़।

वहीं इस घटना पर सूरजपाल उर्फ ​​’भोले बाबा’ ने कहा, “हम 2 जुलाई की घटना के बाद बहुत ही व्यथित हैं। प्रभु हमें इस दुख की घड़ी से उभरने की शक्ति दे। सभी शासन और प्रशासन पर भरोसा बनाए रखें। हमें विश्वास है कि जो भी उपद्रवकारी हैं, उनको बख्शा नहीं जाएगा। मैंने अपने वकील एपी सिंह के माध्यम से समिति के सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे शोक संतप्त परिवारों और घायलों के साथ खड़े रहें और जीवन भर उनकी मदद करें।”

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