Historian DN Jha

भारत के स्वर्ण युग का भेद-1: पहली शताब्दी ईसा पूर्व के पहले नहीं मिलते ‘भारत’ शब्द के ऐतिहासिक स्रोत

हम मिथकीय मौलिकता के युग में जी रहे हैं। राज्य हमेशा अपने संस्करण के अनुरूप जनता को… Read More

क्या भारत में साम्प्रदायिकता केवल उपनिवेशवाद की उपज है?

भारत में वर्तमान संघ परिवार की फासीवादी राजनीति के संदर्भ में इतिहासकारों, समाजशास्त्रियों तथा राज्ञनीतिज्ञों के बड़े… Read More

इतिहासकार डी. एन. झा: हिंदुत्व केंद्रित इतिहास दृष्टि को निर्णायक चुनौती

66वें भारतीय इतिहास कांग्रेस (2006) को अध्यक्ष के रूप में संबोधित करते हुए डी. एन. झा ने… Read More