Wednesday, August 10, 2022

Jharkhand

हम लड़ेंगे, क्योंकि हम इस देश के असली मालिक हैं…

भारतीय संविधान में उल्लेखित 5वीं अनुसूची के तहत अनुच्छेद 244 (1) और (2) में आदिवासियों को पूर्ण स्वशासन व नियंत्रण की शक्ति दी गयी है। झारखण्ड के 13 अनुसूचित जिलों में राज्यपाल को शासन करना है। लेकिन आजादी के...

मुख्यमंत्री के वादों के बावज़ूद झारखंड के आदिवासी-मूलवासी वन अधिकार से वंचित

सत्तारूढ़ दल झामुमो और कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्रों में वन अधिकार कानून को सही से लागू करने एवं जंगल में रहने वाले आदिवासी-मूलवासियों को वन पट्टा देने व जंगल पर पूर्ण अधिकार देने का वादा किया था। सरकार...

कितनी जरूरी है स्कूलों में प्रार्थना?

"स्कूल और शिक्षा के मुख्य उद्देश्यों के ख़िलाफ़ हैं, प्रार्थना। प्रार्थना से शुरुआत करना ग़लत है, यह बच्चों को ग़लत दिशा में ले जाती है। जीवनभर बच्चा अपेक्षा करेगा कि कोई भगवान अवतार लेगा और आकर हमारा भला करेगा।...

सर्च के बहाने झारखंड की पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार रूपेश को किया गिरफ्तार 

रांची। झारखंड की पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार रूपेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। सुबह ही सूबे के सरायकेला-खरसांवा की पुलिस उनके रामगढ़ स्थित घर पर पहुंच गयी थी। अभी जबकि रूपेश का परिवार सो रहा था तभी...

झारखंड स्पेशल: पुलिस के गलत रवैए और न्यायिक प्रक्रिया की शिथिलता की शिकार बदहाल आदिवासी जिन्दगियां 

झारखंड जनाधिकर महासभा ने आदिवासी-मूलवासी अधिकार मंच, बोकारो, आदिवासी विमेंस नेटवर्क, बगईचा आदि के साथ मिलकर अगस्त 2021 से जनवरी 2022 के दौरान बोकारो जिले के गोमिया व नवाडीह प्रखंड में कई निर्दोष आदिवासियों और वंचितों का सर्वेक्षण किया।...

फ़ादर स्टैन स्वामी की पहली पुण्यतिथि पर ‘झारखंड की आवाज स्टैन स्वामी’ पुस्तक का लोकार्पण

रांची। आज 05 जुलाई 2022 को झारखंड की राजधानी रांची के मनरेसा हाउस में विस्थापन विरोधी जन विकास आन्दोलन, झारखंड इकाई द्वारा झारखण्डी जनता के चहेते व मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टैन स्वामी की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर स्मृति सभा का आयोजन हुआ। इस अवसर पर झारखण्ड...

हूल दिवस पर विशेष: आदिवासियों को बदहाली से निजात दिलाने के लिए एक और हूल व उलगुलान की जरूरत

झारखंड के आदिवासियों का अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का लंबा इतिहास है। इतना ही नहीं आजादी के बाद भी झारखंड अलग राज्य को लेकर लंबे संघर्ष से जो राज्य हासिल हुआ है उसमें कुछ चतुर चालाक लोगों को छोड़...

ग्राउंड रिपोर्ट: गुमला में भू-माफिया मिटा रहे हैं नदियों का अस्तित्व

गुमला। झारखंड अगल राज्य गठन के बाद राज्य में भू-माफियाओं और पत्थर माफियाओं का जो नंगा नाच शुरू हुआ, वह 22 साल बाद आज भी प्रशासनिक गठजोड़ से बदस्तूर जारी है। जहां राज्य के पहाड़ समतल होते जा रहे...

चाईबासा के गरीबों के राशन की लूट, जन सुनवाई में खुलासा

पिछले 13 जून 2022 को झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम अंतर्गत चाईबासा में कैनुवा गांव, टोंटो प्रखंड (पश्चिमी सिंहभूम) में खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच, पश्चिमी सिंहभूम द्वारा आयोजित जन सुनवाई में चौंकाने वाले खुलासे हुए। सुनवाई के दौरान पता चला...

कुपोषण को कृत्रिम नहीं, प्राकृतिक तरीकों से ही किया जा सकता है दूर: फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट

भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के क़ानूनी नियमों और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का सरकार खुद ही उल्लंघन कर रही है। भारत सरकार के दिशा-निर्देश में फोर्टीफाईड चावल के बोरों या पैकेटों में लेबल लगाना क़ानूनी बाध्यता...
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