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ग्राउंड रिपोर्ट: कैमूर के आदिवासियों ने भरी हुंकार, कहा- बाघ अभ्यारण्य नहीं बनने देंगे

कैमूर। ‘‘जल-जंगल-जमीन हम आपका, नहीं किसी के बाप का’’, ‘‘जल-जंगल-जमीन हमारा है, वन विभाग की जागीर नहीं’’,… Read More

जंगलों और पारिस्थितिकी के लिए खतरे की घंटी है वन संरक्षण कानून 1980 में प्रस्तावित संशोधन

हाल ही में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा वन संरक्षण अधिनियम 1980 में प्रस्तावित संशोधनों… Read More

छत्तीसगढ़: अपनी मांगों को लेकर कांकेर में 90 गांवों के 5 हजार से ज्यादा आदिवासी हुए लामबंद

कांकेर। छत्तीसगढ़ में लगातार आदिवासी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन के लिए बाध्य हो रहे हैं। अपने… Read More

छत्तीसगढ़: कोयला खनन के लिए आदिवासियों और वनों की दी जा रही है बलि

छत्तीसगढ़ राज्य में सरगुजा जिले का हसदेव अरण्य क्षेत्र अपनी जैव विविधता, विशेषकर हाथियों के झुंड़ों के… Read More

पुस्तक समीक्षा: त्रासदियों की नींव पर घटती नई त्रासदियों की कहानी

‘एक देश बारह दुनिया’ पुस्तक अनूठे भाषा-प्रवाह और दृश्य-बिम्बों के कारण अपने पहले पन्ने से ही पाठकों… Read More