literature

आलोचना पत्रिका के बहानेः बाजार और जंगल के नियम में कोई फर्क नहीं होता!

पांच दिन पहले ‘आलोचना’ पत्रिका का 62वां (अक्तूबर-दिसंबर 2019) अंक मिला। कोई विशेषांक नहीं, एक सामान्य अंक।… Read More

मध्य प्रदेश में रेत माफिया राज! साहित्यकार उदय प्रकाश को मार डालने की मिली धमकी

देश और दुनिया वैश्विक महामारी कोरोनावायरस से लड़ने और लोग अपनी जान बचाने की मुहिम में लगे… Read More

निर्णायक और नेतृत्वकारी भूमिका में रहे हैं प्रेमचंद के स्त्री पात्र

विवादों के कारण ही सही प्रेमचंद का साहित्य फिर से ज़ेरे बहस है। दलित साहित्य के लेखकों… Read More

तुलसीराम के जन्मदिन पर विशेष: ‘मुर्दहिया’ में भूख, ग़रीबी और अंधविश्वास के चित्र

भारतीय साहित्य में अपनी पहली ही कृति आत्मकथा ‘मुर्दहिया’ से तुलसीराम हिन्दी साहित्य और दलित साहित्य में… Read More