literature

हिंदी पट्टी की विद्रूपताओं को खोल कर रख देती है ‘गाजीपुर में क्रिस्टोफर कॉडवेल’

सबसे पहले उर्मिलेश सर आपको इस बात के लिए शुक्रिया कि आपके चलते मैंने कोई किताब पढ़ी।… Read More

लेखक और सांस्कृतिक संगठनों ने बयान जारी कर डीयू के पाठ्यक्रम से लेखिकाओं की रचनाओं को हटाने का किया विरोध

(लेखक और सांस्कृतिक संगठनों ने दिल्ली विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम से मशहूर लेखिका महाश्वेता देवी समेत तीन लेखिकाओं… Read More

हिंदी रंग आलोचना के शिखर पुरुष नेमिचन्द्र जैन की रचनावली का प्रकाशन एक ऐतिहासिक घटना

नेमि जी बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। कम्युनिस्ट पार्टी से लेकर इप्टा आंदोलन में सक्रिय रहे नेमि… Read More

त्रिलोचन के जन्मदिन पर विशेष: मैं तुमसे और तुम्हीं से बात किया करता हूं

शब्दों के सामर्थ्य पर अटल विश्वास रखने वाले कवि त्रिलोचन अपनी कविता से स्वयं क्या अपेक्षा करते… Read More

अमृतलाल नागर: भारतीय जनजीवन के आशावान स्वप्नों के चितेरे

प्रेमचंदोत्तर हिंदी साहित्य को जिन साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से संवारा है, उनमें अमृतलाल नागर का नाम… Read More

गुजरात साहित्य अकादमी के अध्यक्ष विष्णु पांड्या ने ‘शववाहिनी गंगा’ को दिया अराजक कविता का खिताब

‘शववाहिनी गंगा’ कविता लिखने वाली गुजराती कवि  पारुल खाखर ‘अराजक’ हैं और इस कविता को सराहने वाले… Read More

उपन्यास, आलोचना और वीरेंद्र यादव का समाज-बोध

मार्क्सवादी साहित्यालोचक वीरेंद्र यादव के कुछ लेख और टिप्पणियां मैंने पढ़ी थीं। पर उनकी आलोचनात्मक पुस्तक पढ़ने… Read More