ये, ये ही बात एकदम गलत है। मुहावरा है तो क्या हुआ, सिर्फ हमें ही क्यों सारी… Read More
satire
वर्तमान समय में जेन जेड और जेन अल्फ़ा जिस तरह भारत की संपूर्ण शिक्षा-व्यवस्था में झोल की… Read More
प्रिय माननीय नरेन्द्र मोदी, 27 मई 1964 को यहाँ आ जाने के बाद से मैंने वैसे तो… Read More
लोकतंत्र की सबसे बड़ी विशेषता यह मानी जाती रही है कि यहाँ हर नागरिक को बोलने का… Read More
10 जून मोदी, भाजपा और देशवासियों के लिए एक ऐसा दिन लेकर आया जिसने नेहरू जी के… Read More
आधी रात की शिफ्ट, कैफेटेरिया की वो बंबू वाली ग्लास-टॉप टेबल और हाथ में कड़क चाय। माहौल… Read More
रात का घना सन्नाटा था। श्मशान की डरावनी खामोशी को चीरते हुए राजा विक्रम ने एक बार… Read More
ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जो चाहे बर्दाश्त कर लें, पर उनकी हंसी उड़े… Read More
रात का घोर सन्नाटा था। राजा विक्रम ने श्मशान के पेड़ से उस लाश को उतारकर अपने… Read More
इस बार ‘सबका साथ सबका विकास’ के ऐतिहासिक प्रोजेक्ट में नेताजी ने वन्य जंतुओं की चिंताओं को… Read More