Friday, December 2, 2022

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उत्तराखंड: समान नागरिक संहिता से राजनीतिक संकट का सामना

विधानसभा समेत विभिन्न विभागों में अपने-अपनों को नौकरियों की रेवड़ियां बांटने के खिलाफ उत्तराखण्ड में मचे बवंडर को शांत करने के लिये प्रदेश सरकार ने पहले भूकानून समिति की रिपोर्ट खुलवा कर फायर फाइटिंग का प्रयास किया और जब...

मोदी जी के बैरी भाई चीनी खुफिया एजेंसी के जासूस हैं!

आप जानते हैं यह कौन हैं? .......नही जानते होंगे! .....ये 'बैरी भाई' हैं जी हाँ जैसे मेहुल भाई वैसे ही 'बैरी भाई' ......इन्हें मोदी सरकार ने 2020 में पब्लिक सर्विस करने के लिए पदम् श्री दिया था......पब्लिक सर्विस यानी...

शख्सियत: आदिवासी समुदाय के बीच बदलाव के ‘प्रतीक’

“एक बार कलेक्टर एक गांव में गए, वहां पर एक कुआं तीन साल से आधा खुदा पड़ा था, और लगभग 45 लोगों को उसकी मजदूरी नहीं मिली थी। जब कलेक्टर गए तो पूछा कि क्या समस्या है, लोगों ने...

गौरव जायसवाल: परम्परागत काम छोड़कर बदलाव की राह थामी

मप्र और महाराष्ट्र की सीमा पर बसा गाँव कुरई को अंग्रेजों ने बसाया था पूरा गाँव आदिवासी था और मात्र 11 परिवार गैर आदिवासी थे, इनमें ज्यादातर कलार समाज के थे जो शराब बनाने का पुश्तैनी काम करते थे।...

कोरोना काल में उतर गया संघ के सेवा का मुखौटा

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है। इसके करीब 50 लाख कार्यकर्ता 55 हजार शाखाओं में रोजाना सुबह सबेरे खाकी नेकर, काली टोपी और सफेद शर्ट में ज्यादातर शहरों...

नौकरियों में भी गुजरात मॉडल! यूपी में पांच साल की संविदा पर भर्ती की योजना

अगर यह ख़बर सही है तो इस पर व्यापक बहस होनी चाहिए। अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश का कार्मिक विभाग यह प्रस्ताव ला रहा है कि समूह ख व ग की भर्ती अब 5 साल के...

प्लेग से लड़ते हुए शहीद हुई थीं सावित्री बाई फुले

कोरोना महामारी के दौरान जातिवादी छुआछूत और सांप्रदायिक बुराइयों के वापस आने का खतरा है। तबलीगी जमात का मामला तो राजनीतिक संरक्षण में उछल गया लेकिन यह कहने वालों की कमी नहीं है कि पिछली सदी की छुआछूत की...

जब सरदार पटेल को हुआ था प्लेग

सरदार वल्लभभाई पटेल को यूं ही नहीं लौह पुरुष कहा जाता। आज जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में है तो उनके जीवन के दो प्रसंग आंखों के सामने कौंध जाते हैं जब उन्होंने प्लेग जैसी महामारी का...

दिल्ली में महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा: क्या विज्ञापनों से बेहतर नहीं है ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का यह तरीका?

बस में यात्रियों के चढ़ते ही बस कंडक्टर ने सबसे पहले गुलाबी टिकट निकाल कर आवाज दी, “अपने अपने पास लेते हुए जाना।” इसका कारण भी है। कई महिलाओं को नहीं पता कि एक बार इस पिंक टिकट को लेने भर...
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देश के लिए आपदा है संघ-भाजपा का कारपोरेट-साम्प्रदायिक फासीवाद: सीपीआई (एमएल)

मुजफ्फरपुर। भाकपा (माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य समेत देश के कोने-कोने से आये वरिष्ठ माले नेताओं की भागीदारी के साथ...
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