संस्कृति-समाज ‘अपरूपा’ : भारतीय क्रांति का अकल्पित दुःख by Janchowk July 14, 2025July 14, 2025 कुछ किताबें ऐसी होती हैं, जिन्हें बिना रोये पढ़ना बहुत मुश्किल होता है। ऐसी ही एक किताब… Read More
बीच बहस नौकरशाही की रगों में दौड़ता सांप्रदायिकता का खून by सुशील मानव September 13, 2020September 13, 2020 भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी नौकरशाही में अब खुले तौर पर सांप्रदायिक स्वर सुनाई देने लगे हैं।… Read More
ज़रूरी ख़बर तेलतुंबडे के जन्मदिन पर एक बार फिर याद आया उनका सवाल- क्या अपनी बारी आने से पहले आप कुछ बोलेंगे? by विजय शंकर सिंह July 16, 2020July 16, 2020 खबर आ रही है कि, मुंबई की जेल में बंद, भीमा कोरेगांव कांड के आरोपी, तेलुगु कवि,… Read More