Tuesday, October 4, 2022

झांसी: 20 लाख का डोसा खाने के बाद 17 लाख का पानी कागजों पर पी गए कृषि विभाग के अफसर

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झांसी। जनपद में किसानों के लिए होने वाली गोष्ठी के नाम पर कृषि विभाग के अफसरों ने बीस लाख रुपये के डोसे का भुगतान कर धनराशि की आपस में बंदरबांट कर ली जबकि जिले भर के किसी भी किसान को आज तक किसी भी मीटिंग में कभी डोसा खिलाया ही नहीं गया। इस बात का आरोप गांधी उद्यान पर धरना दे रहे किसान रक्षा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर विदुआ और जन सूचना अधिकार मंच के संयोजक मुदित चिरवारिया ने लगाए हैं। दो दिन पहले सोमवार को जहां प्रेस कांफ्रेंस कर आरोपों को मीडिया के सामने रखा गया था तो बुधवार को सारे दस्तावेजों के साथ झाँसी मण्डल के अपर आयुक्त से शिकायत करते हुए घोटाले की जांच कराने और कार्रवाई की मांग की गई है। अभी तक आरटीआई से मिली जानकारी के आधार पर किसानों के नाम पर कृषि विभाग में 92 लाख रुपये के घोटाले का दावा किया गया है।

किसान रक्षा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरी शंकर विदुआ ने बताया कि कृषि विभाग से आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक वर्ष 2019-20 में उप कृषि निदेशक प्रसार के कार्यालय से 20 लाख रुपए के डोसा कानपुर के बाबा अम्बि डोसे वाला से मंगा कर किसानों को खिलाये गए। इसी वर्ष दयाराम प्रजापति स्वीट मेकर से 5 लाख रुपए का मीठा खरीदकर किसानों को खिला दिया। जबकि पूरे जनपद में ढूंढने पर एक भी किसान ऐसा नहीं मिला जिसको कृषि गोष्ठी एवं कृषि विभाग के किसी भी कार्यक्रम में डोसा या मिठाई खिलाई गई हो। विदुआ के मुताबिक उप कृषि निदेशक प्रसार के कार्यालय से तीन प्राइवेट फर्म व तीन एनजीओ को लगभग 92 लाख का किया गया भुगतान संदिग्ध है जिसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

गौरी शंकर विदुआ के मुताबिक जो जानकारी अभी मिली है, उसके मुताबिक तीन महीने में तीन प्राइवेट फर्मों और तीन एनजीओ को 92 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। उसी दफ्तर में तैनात कर्मचारी के खाते में अधिकारी द्वारा रुपये ट्रांसफ़र किये गए। इस तरह से भुगतान नहीं किया जा सकता है और यह बिल्कुल फर्जी है। कागजों में दिखाया गया है कि कानपुर से डोसा मंगाकर झाँसी में मीटिंग में किसानों को खिलाया गया जबकि पिछले बीस वर्षों से किसी भी किसान गोष्ठी में कभी किसी किसान को डोसा नहीं मिला।

हमेशा गोष्ठी में पूड़ी और सब्जी ही खिलायी गयी है। पूरे झाँसी जिले में तफ्तीश की गई लेकिन मीटिंग में शामिल किसी भी किसान ने कभी डोसा नहीं खाया है। इसके अलावा सत्रह लाख रुपये का पानी कागजों पर पिला दिया गया जबकि यहां किसानों को कुएं का भी पानी पीने को नसीब नहीं है। इस पूरे मामले में किसान संगठन की शिकायत पर अपर आयुक्त प्रमिल कुमार सिंह ने पन्द्रह दिनों में जांच कर कार्रवाई का आश्वासन किसानों को दिया है।

(झांसी से लक्ष्मी नारायण शर्मा की रिपोर्ट।)

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