Friday, August 12, 2022

संस्थागत हत्या हैं बिहार में जहरीली शराब से हुई लोगों की मौतें : तेजस्वी यादव

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बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पिछले तीन दिनों में प्रदेश में शराब से हुयी हत्याओं को संस्थागत हत्या बताया है। उन्होंने कहा है, “विगत 3 दिनों में शराब माफिया संग मिल बिहार सरकार द्वारा आपूर्ति की गयी जहरीली शराब से बिहार में 50 से अधिक लोगों की संस्थागत हत्या हुई है”।

उन्होंने नीतीश कुमार पर आरोप लगाते हुये कहा है कि ” नीतीश सरकार की अवैध शराब के कारोबार और तस्करी में सीधी एवं प्रत्यक्ष संलिप्तता है।”

शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हुये राजद नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि “शराबबंदी का ढोंग करने वाले संवेदनहीन मुखिया चुप हैं क्योंकि मिलीभगत जो है।” उन्होंने ट्वीट करके आगे कहा है कि “क्या यह सच्चाई नहीं है कि थानों से शराब की बिक्री हो रही है और कमीशन सरकार तक नहीं पहुंच रहा? क्या यह यथार्थ नहीं है कि शराबबंदी के नाम पर मुख्यमंत्री द्वारा की गयी हज़ारों समीक्षा बैठकों का अभी तक का परिणाम शून्य ही नहीं बल्कि तस्करों को प्रोत्साहित करने वाला ही साबित हुआ है?

नीतीश कुमार द्वारा शराबबंदी के ढोंग को उजागर करते हुये राजद नेता ने कहा कि “सिपाही और चौकीदार को बर्खास्त करना ही शराबबंदी नहीं है। बिहार में मद्य निषेध एवं उत्पाद विभाग तथा पुलिस का कोई भी शीर्ष अधिकारी आज तक बर्खास्त नहीं हुआ क्योंकि इनके बिना सरकार शराब नहीं बेच सकती”।

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते शुक्रवार को जहरीली शराब से हो रही मौतों को लेकर हाई लेवल बैठक बुलाई। इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को हाल ही में हुई जहरीली शराब की घटनाओं के संबंध में सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को दोषी अधिकारियों की पहचान कर उनके ख़िलाफ़ भी कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
बता दें कि बिहार में जहरीली शराब ने इसी साल 100 से ज्यादा लोगों की जान ली है।

दीपावली से अब तक जहरीली शराब से 40-50 लोगों की मौत

शराब पर पूर्ण प्रतिबंध वाले बिहार में कल शनिवार को अवैध शराब के सेवन से चार और लोगों की मौत हुई थी। दिवाली से अब तक अलग-अलग जिलों में जहरीली शराब से मरने वालों की संख्या बढ़ कर 40 हो गई है। मौत के नए मामले समस्तीपुर जिले से आए हैं। इससे पहले गोपालगंज और पश्चिमी चंपारण जिलों में जहरीली शराब के सेवन से कम से कम 33 लोगों की मौत हो गई थी। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) मानवजीत सिंह ढिल्लो के अनुसार मृतकों में सेना के एक जवान और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक कर्मी समेत चार लोग शामिल हैं। ये सभी पटोरी थाना क्षेत्र की रूपौली पंचायत के अंतर्गत आने वाले गांवों के निवासी थे। जबकि शराब पीकर बीमार होने वाले दो व्यक्तियों का अभी एक अस्पताल में इलाज हो रहा है।

उन्होंने कहा कि एक जगह से भारत में निर्मित विदेशी शराब (आईएमएलफएल) की एक बोतल बरामद की गई, जहां लोगों ने शराब का सेवन किया था। शराब के नमूने के रासायनिक विश्लेषण के लिए फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) के अधिकारियों की एक टीम को बुलाया गया है। एसपी ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं। बताया जाता है कि कुछ और लोगों ने शराब का सेवन किया था और शराब पीने के बाद वे बीमार हो गए। हम उनके परिवार के सदस्यों से पुलिस को मामले के बारे में सूचित करने का आग्रह करते हैं। हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता बीमारों का इलाज़ कराना है।

पकड़े जा रहे हैं छोटे-बड़े कारोबारी

पुलिस को भी अच्छी तरह पता है कि शराब कहां से आ रही है और इसमें कौन-कौन से बड़े कारोबारी शामिल हैं। फिर भी छोटे-मोटे कारोबारी ही पकड़े जा रहे हैं। हालांकि काफी संख्या में धंधेबाज पकड़े भी जा चुके हैं। 5560 ऐसे धंधेबाज हैं, जिन पर कोर्ट में ट्रायल भी चल रहा है। बावजूद इसके शराब के कारोबारियों का हौसला बुलंद है।

शराब के इस अवैध कारोबार में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस धंधे में ढाई से तीन गुना अधिक कमाई युवाओं को आकर्षित कर रही है। चार सौ से पांच सौ रुपये रेट वाली शराब की कीमत यहां 12 सौ से 15 सौ रुपये वसूली जाती है। यही कारण है कि जेल से छूटने के बाद भी धंधेबाज इस धंधे में दोबारा जुट जाते हैं। ऐसा नहीं है कि पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है।

स्प्रिंट से शराब बनाकर बेचा जा रहा था

गोपालगंज जिले के डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने मीडिया को बताया कि जिले में जहरीली शराब से 11 लोगों की मौत हुई है। अभी तक जो सबूत समाने आए हैं उससे पता चलता है कि स्प्रिट से शराब बनाने का प्रयास किया गया है। फिलहाल मृतक लोगों की FSLरिपोर्ट आने के बाद हम सही जानकारी बता पाएंगे। लोगों के बयान के आधार पर मौतें जहरीली शराब से हुई हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर अभी पुष्टि नहीं की जा सकती है।

गोपालगंज जिले के पुलिस कप्तान आनंद कुमार के मुताबिक़ बीते 24 घंटों से जिले में जहरीली शराब के ख़िलाफ़ अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 50 से ज्यादा जगहों पर दबिश डाली गई है, जिसमें 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से 270 लीटर देशी शराब बरामद हुई। इसके साथ ही 6 वाहनों को भी ज़ब्त किया गया है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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