गिरिराज सिंह के भड़काऊ भाषण पर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग

मानवाधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता के. के. रॉय तथा चार्ली प्रकाश ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त, नई दिल्ली को याचिका दायर कर केंद्रीय वस्त्र मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि मंत्री ने 18 अक्टूबर को बिहार के अरवल में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान मुस्लिम समुदाय के प्रति आपत्तिजनक और घृणा फैलाने वाला भाषण दिया।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि गिरिराज सिंह ने अपने भाषण में मुस्लिम समुदाय को “नमक हराम” कहा और आरोप लगाया कि वे नरेंद्र मोदी सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तो उठाते हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को वोट नहीं देते।

याचिका में यह भी उल्लेख किया कि पिछली बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी गिरिराज सिंह ने मुस्लिम समुदाय को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने भाजपा को समर्थन नहीं दिया, तो वह पाकिस्तान चले जाए।

केके रॉय और चार्ली प्रकाश ने अपने पत्र में कहा कि मंत्री का यह बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है, जो किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार को समुदायों के बीच वैमनस्य या घृणा फैलाने से रोकता है।

गिरिराज सिंह के इस बयान से लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 123(3) और धारा 125, तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 153A, 295A और 505(2) (जो अब क्रमशः भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299 और 353 के अंतर्गत आती हैं) का उल्लंघन हुआ है।

याचिकाकर्ताओं ने भारत निर्वाचन आयोगसे आग्रह किया है कि वह:-

1. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को बिहार विधानसभा चुनाव की अवधि के दौरान किसी भी सार्वजनिक या चुनावी सभा में भाषण देने से रोक लगाए, तथा

2. केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के विरुद्ध कथित घृणास्पद भाषण के लिए एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी करे।

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