उत्तर प्रदेश के अमेठी के एक गाँव में एक दलित खेत मजदूर के ढाई हजार रुपये की मजदूरी मांगने पर जमींदार और उसके कारिंदों ने पीट-पीट कर मार डाला।
एक महीने में यह किसी दलित की मॉब लिन्चिंग की उत्तर प्रदेश में यह दूसरी घटना है। एक अक्टूबर की रात राय बरेली में एक दलित को “ड्रोन चोर” का आरोप लगाकर पीट-पीट कर मार दिया गया था।
अमेठी की घटना जिसमें हौसिला प्रसाद नामक दलित मजदूर मारा गया, सवर्ण जमींदार शुभम सिंह को गिरफ्तार किया गया है लेकिन परिजनों का कहना है कि पुलिस ने चार के बजाय केवल एक आरोपी को नामजद किया है और उस पर भी हत्या का नहीं बल्कि गैरीइरादतन हत्या का आरोप लगाया है।
परिजनों के अनुसार 40 वर्षीय प्रसाद को शुभम और तीन अन्य परिजन, दोस्त अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में खेत पर काम के लिए ले गए घे।
प्रसाद की पत्नी कीर्ति ने मीडिया को बताया कि प्रसाद ने एक सप्ताह के लिए काम किया था और उसकी मजदूरी, जो 350 रुपये प्रति दिन के हिसाब से तय हुई थी, नहीं दी गई थी।
26 अक्टूबर को प्रसाद अपनी मजदूरी मांगने गया था, लेकिन मजदूरी देने के बजाय उसे सरियों से पीटा गया। जब वह बेहोश हो गया, उसे जीप में डालकर घर पर लाया गया और दरवाजे पर फेंक दिया गया। प्रसाद के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं और एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर किए जाने के बाद रविवार को लखनऊ की किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में उनकी मौत हो गई।
सर्कल ऑफिसर दिनेश कुमार मिश्र ने पुष्टि की कि शुभम को हत्या के लिए नहीं बल्कि गैरइरादतन हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच जारी है।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने शव हाईवे पर रखकर धरना देने की कोशिश की पर पुलिस ने धमकाकर जल्दी में प्रसाद का अंतिम संस्कार करवाया।
एक परिजन के अनुसार पूरा गाँव जानता है कि कम से कम चार लोगों ने हौसिला प्रसाद को मारा लेकिन पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की है।
यह कार्रवाई भी घटना का वीडियो सोशल मीडिया में चलने के कारण घटना के तीन दिन बाद की गई।
उत्तर प्रदेश के और इलाकों से भी दलितों पर हमलों की घटनाएं होने की खबर है। 20 अक्टूबर को लखनऊ के काकोरी इलाके में शीतला माता मंदिर की सीढ़ियों पर 65 वर्षीय राम पाल से उसका पेशाब चटवाया गया। वह मूत्र पथ संक्रमण से पीड़ित था।
भाजपा के अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र कनौजिया ने दावा किया कि पिछली सरकारें ऐसी घटनाओं की अनदेखी करती थीं लेकिन उनकी सरकार ने आरोपी के खिलाफ त्वरित कारवाई कर उदाहरण पेश किया है।