रांची। आज (5 जनवरी) को झारखंड की राजधानी के अल्बर्ट एक्का चौक पर विभिन्न वामपंथी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिक समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वेनेजुएला पर हुए अमेरिका के हमले के विरोध में प्रदर्शन कर अमेरिकी साम्राज्यवाद की भर्त्सना की गई।
वक्ताओं की ओर से कहा गया कि 3 जनवरी की सुबह, ट्रंप के अमेरिका ने वेनेजुएला पर आपराधिक रूप से हमलावर युद्ध शुरू कर दिया है। वेनेजुएला की राजधानी काराकस शहर को निशाना बनाकर क्रूर बमबारी और सैन्य हमला किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट में तो यह भी दावा किया गया है कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को बन्धक बना कर उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि यह युद्ध सिर्फ़ वेनेजुएला के खिलाफ़ नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र और दुनिया भर के हर उस व्यक्ति के खिलाफ़ एक खुली चेतावनी है, जो साम्राज्यवादी हुक्मरानों से अलग अपना भविष्य खुद तय करना चाहता है।
मतलब साफ है कि वेनेजुएला के लोगों पर ट्रंप के युद्ध का मकसद अमेरिका समर्थित औपनिवेशिक व्यवस्था थोपना है। इस युद्ध का मकसद अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निगमों के लिए एक बार फिर वेनेजुएला के तेल पर कब्ज़ा करना और साम्राज्यवादी हितों की सेवा के लिए एक कठपुतली सरकार स्थापित करना है। यह युद्ध लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप के खूनी इतिहास का नवीनतम अध्याय है।
प्रदर्शनकारियों द्वारा अपील की गई कि वेनेजुएला के लोगों के साथ अटूट एकजुटता के साथ खड़े हों, क्योंकि वे साम्राज्यवादी हस्तक्षेप से मुक्त होकर अपनी संप्रभुता, अपने राजनीतिक और आर्थिक मार्ग को तय करने के अपने अधिकार की रक्षा कर रहे हैं।
कहा गया कि कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप के खूनी इतिहास का नवीनतम अध्याय है। हम दुनिया भर की सभी लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय ताकतों से इस साम्राज्यवादी आक्रमण और ट्रंप शासन द्वारा औपनिवेशिक अधीनता की एक नई व्यवस्था थोपने के प्रयासों के खिलाफ़ खड़े होने का आह्वान करते हैं।
प्रदर्शनकारियों द्वारा “वेनेजुएला से दूर हटो!” और “अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!” के नारे लगाए गए।
कार्यक्रम में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, जनाधिकार महासभा, आइसा, एपवा, नागरिक समाज सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए।
(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)