झारखंड नरेगा वॉच ने मांग की है कि केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को निरस्त कर लाए गए नए ग्रामीण रोज़गार गारंटी क़ानून के ख़िलाफ़ प्रदेश सरकार पंजाब और कर्नाटक सरकारों की तरह प्रस्ताव पारित करे।
झारखंड नरेगा वॉच ने यह माँग रांची के एक्सआईएसएस भवन, पुरूलिया रोड में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। वक्ताओं ने कहा कि आगामी बजट सत्र में सरकार यह प्रस्ताव पारित करे और केंद्र को प्रेषित करे। इसके लिए राज्य सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
प्रेस कांफ्रेंस में आरोप लगाया गया कि मनरेगा को निरस्त करने के बाद नया वीबी ग्राम जी कानून मजदूरों और स्थानीय निकायों को अत्यंत संकुचित कर देगा। देश के 26 करोड़ श्रमिकों को सीधे प्रभावित करने वाला यह कानून बिना किसी सार्वजानिक संवाद के पिछले दरवाजे से संसद के दोनों सदनों से आनन-फानन में पारित किया गया और मजदूरों पर थोप दिया गया है।
झारखंड नरेगा वॉच ने मनरेगा बचाने के लिए चरणबद्ध जन अभियान चलाने की घोषणा की जिसके तहत आगामी 2 फरवरी को नरेगा दिवस पर रांची में “मनरेगा बचाओ! वीबी ग्राम जी कानून हटाओ!” रैली की जाएगी। इसके अलावा झारखंड नरेगा वाच आगामी 5 महीने में युद्ध स्तर पर “काम मांगो अभियान” चलाकर 1 लाख मजदूरों को 100 दिनों का रोजगार और मजदूरी दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। 2000 ग्राम सभाओं से वीबी ग्राम जी के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कर झारखंड सरकार और केंद्र सरकार को प्रेषित किए जाएँगे और सभी विपक्षी राजनीतिक दलों, तमाम सहमना जनसंगठनों, किसान संगठनों, ट्रेड यूनियनों के साथ लगातार मीटिंग, बैठकें, परिचर्चाएं, सेमीनार आयोजित कर मनरेगा बचाओ जन अभियान/आंदोलन को तेज किया जाएगा।
(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)