रविवार को झारखंड की राजधानी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर ईरान पर अमरीकी-इज़राईली मिलिट्री हमलों के विरुद्ध प्रदर्शन किया गया। इसमें अनेक राजनीतिक व सामाजिक संगठनों सहित राज्य के प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। झारखंड जनाधिकार महासभा, भाकपा (माले) लिबरेशन, भाकपा (मार्क्सवादी), भाकपा व कई अन्य सामाजिक-राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
प्रतिभागियों ने कड़ी शब्दों में ईरान पर फिर से अमरीकी-इज़राइली हमलों की निंदा की और कहा कि अमरीका और इजरायल केवल अपने साम्राज्यवाद को फैलाने के लिए एक-के-बाद-एक अपराधिक और हिंसक कार्यवाई किए जा रहे हैं। ये लगातार फिलिस्तीन में बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोगों को मारकर फिलिस्तीन के जमीन को अपने कब्जे में लेने की कोशिश कर रहे हैं। हाल में अमरीका ने वेनेज़ुएला पर अपराधिक और गैर-कानूनी हमला कर देश पर कब्जा कर लिया। अब ईरान पर हमला कर दिया है।
वक्ताओं ने कहा कि ये हमले ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और सभी अंतरराष्ट्रीय संधियों का खुला उल्लंघन करते हुए किए गए हैं।
वक्ताओं के अनुसार ईरान पर हमला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इज़राइल दौरे के तुरंत बाद शुरू हुआ, यह बताता है कि यह दौरा कितना गलत और भारतीय हितों के लिए कितना नुकसानदायक था। एक तरफ मोदी सरकार ने भारत के 50,000 मजदूरों का सौदा कर लिया। दूसरी तरफ दशकों के अपनी विदेशी नीति को छोड़ अब इन फासीवादियों के पीछे पीछे चल रही है।
प्रतिभागियों ने कहा कि वे स्पष्ट रूप से ईरान पर अमरीकी-इज़राइली हमले का विरोध करते हैं। उन्होंने भारत और दुनिया के सभी शांति पसंद लोगों से अपील की कि वे इस अमरीकी-इज़राइल मिलिट्री हमले के खिलाफ़ ईरान और ईरानी लोगों के साथ खड़े हों। फिलिस्तीन के साथ खड़े हो। वे भारत सरकार से मांग करते हैं कि हिंदुस्तान को ईरान पर हमले को तुरंत रोकने पर ज़ोर देना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान “अमेरिकी इजरायली साम्राज्यवादी युद्ध बंद करो,” “ईरान पर हमला बंद करो,” “फ्रॉम रिवर टू द सी फिलिस्तीन विल बी फ्री,” “अमेरिकी दादागिरी नहीं चलेगी” जैसे कई नारे लगाए गए।
(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)