Sunday, May 22, 2022

कृष्ण प्रताप सिंह

नागरिक इतने ‘अवांछनीय’ क्यों हो गये हैं?

दिल्ली-एनसीआर में दमघोंटू प्रदूषण के मामले पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने गत दिनों जिस तरह नौकरशाहों को फटकारा और पूछा कि अगर सब कुछ न्यायालय को ही करना है तो भला वे किसलिए हैं, वह सच पूछिये...

इतना तो समझ लेते भाई कि काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ा करती!

प्रायः हर चुनाव के वक्त हिंदू बनाम मुसलमान, श्मशान बनाम कब्रिस्तान या होली बनाम ईद करने वाली भारतीय जनता पार्टी के रहते शायद ही किसी को उम्मीद रही हो कि उसके लिए जीवन-मरण का प्रश्न बन चुके पांच राज्यों...

जयंती पर विशेष : व्यवस्था के खिलाफ मुक्तिबोध में दबा बम धूमिल में फट पड़ा!

‘क्या आजादी सिर्फ तीन थके हुए रंगों का नाम है, जिन्हें एक पहिया ढोता है या इसका कोई मतलब होता है?’ हिन्दी कविता के एंग्रीयंगमैन सुदामा पांडे ‘धूमिल’ने अब से कई दशक पहले यह जलता व चुभता हुआ सवाल...

अब तो चेतिये हुजूर! जम्मू-कश्मीर आपके साम्प्रदायिक एजेंडे की कीमत चुकाने लगा

शुक्र है कि देर से ही सही, जम्मू कश्मीर में नागरिकों की लक्षित हत्याओं को लेकर केन्द्र सरकार की नींद टूटी और गृहमंत्री अमित शाह ने हालात की उच्चस्तरीय समीक्षा के बाद केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल व नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग...

लखीमपुरखीरी कांड: कौन लेगा सबक, जब सत्ताधीशों के पूरे कुएं में भांग पड़ी है

अच्छी बात है कि उत्तर प्रदेश स्थित लखीमपुर खीरी में प्रशासन ने थोड़ा लचीलापन दिखाकर रविवार को हुए बवाल से पीड़ित किसानों को इंसाफ के प्रति आश्वस्त कर उनसे समझौता कर लिया है। इस समझौते में तय हुआ है...

इन तल्ख हकीकतों की नींव पर अपनी लोकलुभावन योजनाएं कैसे खड़ी करेंगे श्रीमान?

नरेन्द्र मोदी सरकार ने पिछले साल किसानों को देश भर में कहीं भी ई-प्लेटफार्मों पर अपनी उपज बेचने की ‘अनुमति’दी तो इसे उनके लिए ‘बेहद बड़ी राहत’बताया था। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने तो यहां तक कह डाला...

क्या कहते हैं कम्पनियों पर ‘पांचजन्य’के हमले?

निहित स्वार्थों की साधना में सत्तापक्ष व विपक्ष दोनों की भूमिकाएं हथियाना, सांस्कृतिक संगठन के चोले में राजनीतिक मोर्चो पर उतर आना, सारे असुविधाजनक सवालों से कतराना और सुविधाजनक झूठों को बार-बार दोहराना, अर्धसत्यों से काम चलाना, असहमतियों का...

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सरकारी दावों पर पानी फेरता झारखंड के पानी का सच

कहा जाता है कि पहाड़ से पानी का रिश्ता सदियों पुराना है। प्रकृति के इसी गठबंधन की वजह से...