कृष्ण प्रताप सिंह

नगालैंड कांड: सरकार को समझना होगा कि इस दुनिया में आदमी की जान से बड़ा कुछ भी नहीं

हिन्दी के तीसरे सप्तक के महत्वपूर्ण कवियों में से एक सर्वेश्वरदयाल सक्सेना, जिनकी कविताओं को उनकी असाधारण… Read More

मूर्खों के स्वर्ग से बाहर निकलिये हुजूर और थोड़े शरमाइये!

निस्संदेह, यह ऐसा समय है जब उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को शर्म महसूस करनी चाहिए… Read More

इतना तो समझ लेते भाई कि काठ की हांड़ी बार-बार नहीं चढ़ा करती!

प्रायः हर चुनाव के वक्त हिंदू बनाम मुसलमान, श्मशान बनाम कब्रिस्तान या होली बनाम ईद करने वाली… Read More

जयंती पर विशेष : व्यवस्था के खिलाफ मुक्तिबोध में दबा बम धूमिल में फट पड़ा!

‘क्या आजादी सिर्फ तीन थके हुए रंगों का नाम है, जिन्हें एक पहिया ढोता है या इसका… Read More

अब तो चेतिये हुजूर! जम्मू-कश्मीर आपके साम्प्रदायिक एजेंडे की कीमत चुकाने लगा

शुक्र है कि देर से ही सही, जम्मू कश्मीर में नागरिकों की लक्षित हत्याओं को लेकर केन्द्र… Read More