संस्कृति-समाज

भाषा की गुलामी खत्म किये बिना वास्तविक आज़ादी संभव नहीं

राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के लिए आज़ादी का सवाल केवल अंग्रेजों से देश को मुक्त कराना भर नहीं… Read More

जन्मदिवस पर विशेष: फ़ारूक़ी में हिंदुस्तानी तहज़ीब और अदबी रिवायत की थी गहरी समझ

समूचे दक्षिण एशिया की उर्दू-हिंदी अदबी दुनिया में शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी का नाम किसी तआरुफ़ का मोहताज़ नहीं।… Read More

मध्यवर्गीय संघर्ष और विषमताओं की ताकत का आख्यान

गजानन माधव मुक्तिबोध उन गिने चुने कवियों में थे जिन्होंने विज्ञान और फैंटेसी के आधुनिक तथा कलात्मक… Read More

शोषितों के आर्थिक सामाजिक विषमता को पाटे बिना राष्ट्र नहीं हो सकता : बाबू जगदेव प्रसाद

“दस का शासन नब्बे पर, नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।” “सौ में नब्बे शोषित हैं, नब्बे भाग हमारा… Read More

हिंदी पट्टी की विद्रूपताओं को खोल कर रख देती है ‘गाजीपुर में क्रिस्टोफर कॉडवेल’

सबसे पहले उर्मिलेश सर आपको इस बात के लिए शुक्रिया कि आपके चलते मैंने कोई किताब पढ़ी।… Read More