पाटलिपुत्र की जंगः फेक न्यूज और जहरीला प्रचार बंद करे भाजपा, भाकपा-माले ने चुनाव आयोग से की शिकायत

पटना। भाकपा-माले ने शासक राजनीतिक दलों और कुछ मीडिया संगठनों द्वारा फेक न्यूज के माध्यम से पार्टी के औराई विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार कॉ. आफताब आलम की छवि खराब करने के विरुद्ध राज्य चुनाव आयुक्त से शिकायत की है। पार्टी की पोलित ब्यूरो सदस्य कविता कृष्णन और केंद्रीय कमेटी की सदस्य मीना तिवारी का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल राज्य चुनाव आयुक्त से मिला और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

भाकपा-माले के औराई विधानसभा सीट से उम्मीदवार आफताब आलम के बारे में भाजपा बिहार के फेसबुक पेज पर दुर्भावना से प्रेरित पोस्ट लगाई गई है, जिसमें उन्हें 2013 के पटना बम धमाकों में अभियुक्त बताया गया है। यह पूरी तरह से फेक न्यूज है और उनकी छवि बिगाड़ने की दुर्भावनापूर्ण हरकत है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि माले ने पटना में पीएम की रैली में हुए बम धमाकों के दोषी को टिकट दिया है। यह बिल्कुल झूठी खबर बनाई गई है। क़ॉ. आफताब आलम का उक्त घटना की एफआईआर, जिसकी एक प्रति भी चुनाव आयोग को दी गई है, में नाम नहीं है।

इसी प्रकार की फेक न्यूज समाचार पोर्टल न्यूज-18 बिहार एवं एक दक्षिणपंथी पोर्टल पर चलाई जा रही है। माले प्रतिनिधिमंडल ने इन पोर्टलों के विरुद्ध भी चुनाव आयोग से कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने कहा है कि यदि फेक न्यूज को हटाया नहीं गया और पार्टी से सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी गई तो इनके विरुद्ध मानहानि का मुकदमा किया जाएगा। इस संबंध में इन तीनों पोर्टलों और फेसबुक पेजों को नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है।

पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य कॉ. कविता कृष्णन, जो आजकल बिहार के दौरे पर हैं, भी प्रतिनिधिमंडल के साथ थीं। उन्होंने कहा कि भाजपा-जदयू गठजोड़ वर्तमान चुनावों में बुरी तरह पिछड़ रहा है और इसीलिए अपनी हताशा और निराशा को छुपाने के लिए इस तरह की अलोकतांत्रिक और अनैतिक हरकतों पर उतर आया है, लेकिन बिहार की जनता ऐसी ओछी हरकतों का जवाब मतदान के जरिए देकर भाजपा-जदयू को कड़ा सबक सिखाने के लिए तैयार है।

प्रत्याशी कॉ. आफताब आलम ने इस बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका काम समाज के सभी वंचित-उत्पीड़ित तबकों के लिए संघर्ष करना है और वे अपना काम करते रहेंगे। उन्होंने बिहार विधानसभा चुनावों में सभी क्षेत्रों से महागठबंधन के प्रत्याशियों को भारी बहुमत से जिताने की अपील की है।

माले के बिहार राज्य कमेटी के सदस्य एवं मीडिया प्रभारी कुमार परवेज ने बताया कि द चैपाल नाम के उक्त पोर्टल के संपादक सौरभ पांडेय शौर्य के ट्विटर हैण्डल को मोदी सरकार के केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल फॉलो करते हैं। इसी से स्पष्ट है कि इस प्रकार की फेक न्यूज और जहरीले दुष्प्रचार को कौन बढ़ावा देकर लोकतंत्र को कमजोर करना चाहता है। उन्होंने कहा कि बिहार में जनता शासक पार्टियों से जिन सवालों को पूछ रही है, उनसे बचाने में भाजपा की फेक न्यूज फैक्टरी का झूठा प्रचार किसी काम नहीं आने वाला है।

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