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हिमंत बिस्वा सरमा: प्रभुत्वशाली व्यवस्था की राजनीतिक सांस्कृतिक कथा की निरंतरता

“मैं असम को मियाओं की भूमि नहीं बनने दूंगा,” हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा हॉल में अपनी… Read More

हिमाचल प्रदेश सहित तमाम राज्यों में सांप्रदायिक उन्माद की स्थिति क्यों है?

पिछले एक सप्ताह से हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में एक अवैध मस्जिद का मुद्दा जोरशोर से… Read More

जाति का प्रश्न: हिन्दू दक्षिणपंथियों का बदलता नैरेटिव

पिछले आम चुनाव (अप्रैल-मई 2024) में जाति जनगणना एक महत्वपूर्ण मुद्दा थी। इंडिया गठबंधन ने जाति जनगणना… Read More

संतुलित समृद्धि के लिए जाति-जनगणना के दर्पण में भारत के लोकतंत्र का चेहरा

जातिवार जनगणना और आर्थिक सर्वेक्षण का महत्व सिर्फ सरकारी नौकरियों में आरक्षण और कुछ अनुदान-उपदान तक ही… Read More

चंपई सोरेन को साथ ले कर क्या भाजपा झारखंड में कोई बड़ा उलटफेर कर पाएगी ?

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन कल 30 अगस्त को भाजपा में शामिल हो गए। कोल्हान के… Read More

भाजपा की विभाजनकारी राजनीति को खारिज करता अंतर राज्य आदिवासी महिला संगठन

रांची। अंतर राज्य आदिवासी महिला संगठन द्वारा (ISAWN) हाल के महीनों में, भाजपा नेताओं ने “बांग्लादेशी घुसपैठियों”… Read More

भाजपा को शिकस्त देकर कश्मीरी जनता पूर्ण राज्य बहाली की अपनी मांग को धार दे सकती है

5-6 अगस्त 2019 को धारा 370 तथा 35A हटाए जाने, जम्मू कश्मीर राज्य को दो हिस्सों में… Read More

जाति-वर्णव्यवस्था पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का गहरा विश्वास 

क्या जातिव्यवस्था भारतीय समाज के लिए एक वरदान है? आरएसएस के मुख्यपत्र पांचजन्य में छपे एक लेख… Read More