आज जब लोकतंत्र पर अघोषित तानाशाही हावी होती जा रही है और संवैधानिक मूल्यों की उपेक्षा की… Read More
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यह अजीब विडंबना है कि देश के लोकतंत्र को 75 साल से ऊपर हो गए हैं। लेकिन… Read More
यह दौर अपने आप में कितना भयावह है इसकी झलक हम भारत में तो देख ही रहे… Read More
भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में शुक्रवार को एक और काला पन्ना जुड़ गया। यह इबारत कहीं और… Read More
पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे आ गए हैं। भाजपा ने हिंदी पट्टी के तीनों राज्यों में… Read More
हमारे देश के चुनावों को करोड़पतियों ने हाईजैक कर लिया है। जितने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरते… Read More
वाराणसी। लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तम्भ माना जाता है, यहां तक कि जब कहीं सुनवाई नहीं होती… Read More
पिछले दिनों जब अचानक संसद का विशेष सत्र बुलाया गया, तो उसके एजेंडा को लेकर देश में… Read More
अहमदाबाद। देश की नई संसद में बीजेपी सांसद द्वारा बहुजन समाज पार्टी के सांसद कुंवर दानिश अली… Read More
(मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय को 12 सितंबर को उनके निबंध ‘आजादी’ के फ्रांसीसी अनुवाद – लिबर्टे, फासिस्म,… Read More