“देश में बढ़ता धार्मिक बहुसंख्यकवाद और सर्वभक्षी कारपोरेटी हमला लोकतंत्र और संविधानिक मूल्यों के लिए बड़े खतरे”… Read More
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पूरे पचहत्तर साल बाद भी हमारा लोकतंत्र अपने शैशवकाल में ही है। अक्सर पालने में पड़ा-पड़ा ‘अहंकार… Read More
लोकतंत्र की गारंटी के रूप में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव जरुरी है चाहे वे राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के… Read More
फाजिल नगर (देवरिया)। देश की मौजूदा राजनीतिक व सामाजिक परिस्थितियों में सबसे बड़ा सवाल अपने लोकतांत्रिक संस्थाओं… Read More
2014 लोकसभा चुनावों से यह बात उत्तरोत्तर स्पष्ट होती जा रही है कि भारतीय लोकतंत्र में मतदाता… Read More
मौजूदा भारतीय परिस्थिति पर मशहूर लेखिका अरुंधति रॉय ने ‘द वायर’ के करण थापर और ‘सत्य हिंदी’… Read More
”उनकी अपील है कि उन्हें हम मदद करें, चाकू की पसलियों से गुजारिश तो देखिए।’’ दुष्यंत कुमार… Read More
हम, भारत के लोग, भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व-संपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए …… Read More
आज के जमाने में भी ऐसे प्राणी/तत्व/चारण पाए जाते हैं, जो शासक वर्ग का गुणगान करने में… Read More
पटना। पांच राज्यों में होने वाला चुनाव काफी महत्वपूर्ण है। यूपी, उत्तराखंड व पंजाब में हमारी पार्टी… Read More