आंदोलकारी किसानों ने केंद्र की मजबूत और अधिनायकवादी मोदी सरकार से कृषि के तीन काले कानूनों को… Read More
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सुदामा पाण्डेय यानी धूमिल ताउम्र जिन्दा रहने के पीछे मजबूत तर्क तलाशते रहे। कहते रहे ‘तनों अकड़ो… Read More
‘क्या आजादी सिर्फ तीन थके हुए रंगों का नाम है, जिन्हें एक पहिया ढोता है या इसका… Read More
यह सतह पर दिखने वाला खुला तथ्य है कि भारत की केंद्रीय सत्ता एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द… Read More
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के देश के भीतर कुछ सीमावर्ती राज्यों में अधिकार क्षेत्र को 15 किमी… Read More
गत दिनों गोरखपुर में मनीष गुप्ता की पुलिस द्वारा नृशंस हत्या की तरह आज लखीमपुर खीरी में… Read More
लखीमपुर खीरी की घटना एक चेतावनी है- हमारे लोकतंत्र का स्वास्थ्य अच्छा नहीं है। अजय कुमार मिश्र… Read More
विगत कुछ वर्षों में भारत में असहिष्णुता की प्रवृत्ति काफी बढ़ी है। अराजकतावाद के अनुसार कार्यस्वातंत्र्य जीवन… Read More
हम किस और कैसे लोकतंत्र में हैं इसका हालिया उदाहरण लखीमपुर खीरी के हत्याकांड के आईने में… Read More
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस बार की अमेरिका यात्रा बेहद कटु अनुभव वाली रही है। तीन… Read More