‘आगे और लड़ाई है’ प्रबीर पुरकायस्थ की आत्मकथा है। अंग्रेजी में लिखी उनकी आत्मकथा ‘किपिंग अप द… Read More
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जन्मशती वर्ष में मधु दंडवते (21 जनवरी 1924-12 नवंबर 2005) का स्मरण जहां प्रेरणा देने वाली ऊर्जा… Read More
लेखक ‘ज्ञान प्रकाश’ ने अपनी किताब ‘इमरजेंसी क्रॉनिकल’ में ‘न्यूजक्लिक’ के संस्थापक पत्रकार-लेखक ‘प्रबीर पुरकायस्थ’ की 1975… Read More
नई दिल्ली। यह अस्सी के दशक की बात है। मैं गांधीवादियों, समाजवादियों और आंबेडकरवादियों के विभिन्न आंदोलनकारी… Read More
फ्रांस में पिछले 3 दिनों से हिंसा और आगजनी का आलम बना हुआ है। मंगलवार की सुबह… Read More
25 जून 1975 को इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी, अड़तालीस साल बीत गए हैं,… Read More
1975 की 25-26 जून की रात के दरमियान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल (इमरजेंसी) घोषित कर… Read More
(वरिष्ठ पत्रकार और लेखक अरुण कुमार त्रिपाठी के संपादकत्व में ‘आज के प्रश्न’ श्रृंखला के तहत ‘लोकतंत्र:… Read More
बहुत सारे लोग आज के राजनीतिक दौर की तुलना सन् 1975-77 के दौर की ‘इमर्जेंसी’ से कर… Read More
चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि किसी देश में लोकतंत्र बचे रहने के लिए… Read More