Sunday, September 25, 2022

right

मेरी रॉयः एक विदुषी जो सामाजिक योद्धा भी थीं

केरल की विख्यात शिक्षाविद् और महिला अधिकार कार्यकर्ता मेरी रॉय (1933-2022) नहीं रहीं। वह सुप्रसिद्ध अंग्रेजी लेखिका और विचारक अरुंधति रॉय की मां थीं।  मेरी रॉय से हमारी पहली मुलाकात सन् 2006 में हुई। उनका लंबा इंटरव्यू किया, जो उसी साल...

लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रति अपनी संकीर्ण सोच के लिए याद किए जाएंगे जस्टिस खानविलकर

जस्टिस एएम खानविलकर रिटायर हो गए हैं। पर रिटायर होने के पहले उन्होंने जिन कुछ मुकदमों का निस्तारण किया है, उनके फैसलों में आए कुछ निष्कर्ष ऐसे हैं, जिन्होंने, कानूनी जानकारों को न केवल हैरान किया है, बल्कि न्याय...

गुजरात कत्लेआम: मानवाधिकारों के रक्षकों की ही अब घेरेबंदी!

ज़किया जाफ़री बनाम गुजरात राज्य मामले में हाल में अपना फैसला सुनाते हुए उच्चतम न्यायालय ने ज़किया जाफ़री की याचिका ख़ारिज कर दी। ज़किया जाफ़री ने अपनी याचिका में मांग की थी कि उस षड्यंत्र की जांच की जावे...

छत्तीसगढ़: भूमि अधिकार आंदोलन के तहत आयोजित हुआ राज्य स्तरीय सम्मेलन 

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास्टोरल सेंटर में भूमि अधिकार आंदोलन का राज्य सम्मेलन आयोजित हुआ। 28 जून को आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में देश के 14 राज्यों से आए 500 से ज़्यादा जनवादी संघर्षों के साथियों/...

सुप्रीम कोर्ट के बराबर ही है ट्रायल कोर्ट और मजिस्ट्रेट की मौलिक अधिकारों की रक्षा की जिम्मेदारी

संविधान और कानून के शासन में ट्रायल कोर्ट मौलिक अधिकारों की रक्षा की पहली पंक्ति है। व्यक्तिगत स्वतंत्रता को मनमानी और अवैध गिरफ्तारी से बचाने के लिए, संविधान के अनुच्छेद 22(2) में कहा गया है कि गिरफ्तार व्यक्ति को...

‘आधार’ के जिन्न की नई सौग़ात के बहाने नागरिक जीवन और अधिकारों पर सरकार का ताज़ा हमला

हाल ही में, 21 दिसंबर 2021 को, संसद में एक क़ानून पास किया गया जिसके प्रमुख प्रावधान के तहत वोटर कार्ड को 'आधार' से लिंक किया जाएगा। इस क़ानून को चुनाव क़ानून (संशोधन) विधेयक 2021 के नाम से जाना...

पेगासस जासूसी और निजता का अधिकार

न्यूयार्क टाइम्स के रॉनेन बर्गमन और मार्क मज़ेटी की एक रिपोर्ट ने देश और सरकार के अलोकतांत्रिक और नागरिक अधिकार विरोधी चेहरे को उजागर कर दिया है। इन खोजी पत्रकारों ने, पेगासस स्पाइवेयर पर एक रिपोर्ट तैयार की है...

अमेरिका बनाम चीनः लोकतंत्र पर छिड़ा वैचारिक संग्राम

अमेरिकी राजनीति-शास्त्री फ्रांसिस फुकुयामा की मशहूर किताब ‘The End of History and the Last Man’ 29 साल पहले प्रकाशित हुई थी। उसके एक साल पहले यानि 1991 में सोवियत संघ का विखंडन हुआ था। उसके पहले 1989 में फुकुयामा...

जम्मू-कश्मीर के मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी की संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने की निंदा

जम्मू-कश्मीर के मानवाधिकार रक्षक खुर्रम परवेज की गिरफ्तारी और भारतीय प्रशासित कश्मीर में हाल ही में हुई हत्याओं पर संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रवक्ता रूपर्ट कॉलविल (Rupert Colville) ने बयान जारी किया है।  अपने बयान में रूपर्ट कॉलविल ने...

सभी को आत्मबोध का समान अधिकार

जज मत करिए उन्हें समझिए “जेंडर ट्रबलः फेमेनिज्म एंड द सबवर्जन ऑफ आईडेंटिटी” (1990) जैसी मशहूर किताब की रचयिता और अमेरिकी अकादमिक और जेंडर मामलों की जानकार दार्शनिक जूडिथ पामेला बटलर का मानना है कि जेंडर का गठन, एक्शन और...
- Advertisement -spot_img

Latest News

रूस और जर्मनी के बीच अनाक्रमण संधि का सच

यूक्रेन-रूस संघर्ष के साथ ही दुनिया मानो एक बार फिर से प्रथम विश्व युद्ध के पहले की परिस्थितियों में...
- Advertisement -spot_img