साथियों, आगामी 10 दिसम्बर को पूरी दुनिया में ऐसे समय में मानवाधिकार दिवस मनाया जाएगा जब पूरी दुनिया में मानवाधिकार पर चौतरफा हमला बढ़ा हैं। फिलिस्तीन में रोज-ब-रोज अमेरिका के शह पर इजराइल के द्वारा मानवाधिकार की धज्जियां उड़ाई जा रही है, तो यूक्रेन में रूस के द्वारा भी यही किया जा रहा है। हम कह सकते हैं कि आज दुनिया का कोई भी ऐसा देश नहीं है,जहाँ पर मानवाधिकार का हनन नहीं हो रहा है। और मानवाधिकार के हनन के खिलाफ संघर्ष नहीं हो रहा है।
हमारे देश भारत में भी रोज-ब-रोज मानवाधिकार हनन की हजारों घटनाएं घट रही है। और मानवाधिकार के पक्ष में आवाज उठाने वालों को जेलों में डाला जा रहा है व फर्जी मुठभेड़ों में मारा जा रहा है ताकि कोई भी मानवाधिकार के पक्ष में आवाज उठाने की हिम्मत न कर सके।
जैसा कि आप जानते हैं कि मैं 17 जुलाई 2022 को गिरफ्तारी के बाद से 18 जुलाई 2022 से ही जेल में हूँ। इसलिए अपने लम्बे जेल जीवन के आधार पर मैं कह सकता हूँ कि आज सबसे अधिक मानवाधिकार हनन की घटनाएं जेलों में घट रही है।
मैं बिहार झारखंड के छ: जेलों में अब तक रह चुका हूँ जहाँ मैंने देखा है कि बंदियों को ना तो जेल मुन्यूअल के डाइट के अनुसार भोजन मिलता है और ना ही अन्य सुविधाएं। जेलों में लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण कई बंदियों की अकाल मृत्यु हो जाती है, तो कई अपंग हो जाते हैं। जेलों में क्षमता से दुगना बंदी रहने के कारण रहने सोने, शौच करने, नहाने आदी में भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
जेल में बंदियों पर लाठी बरसाना जेल अधिकारियों द्वारा बंदियों से तू – तड़ाक करके बातें करना, बंदियों से गाली गलौज करना तो जेल अधिकारी अपना जन्म सिद्ध अधिकार समझते हैं। भ्रष्टाचार और घूसखोरी तो जेल प्रशासन के नस-नस में समा चुका है। वहीं जेल की इस नरकीय व्यवस्था के खिलाफ अगर कोई बंदी आवाज उठाता है तो प्रशासनिक लगाकर उन्हें अन्य जेलों में भेज दिया जाता है। जहाँ पहुंचते ही जेल गेट पर उन पर सैकड़ों लाठियां बरसाईं जाती हैं।
अतः एक बंदी होने के नाते आगामी 10 दिसम्बर को मानवाधिकार दिवस मना रहे साथियों से अपील करता हूँ कि आप अपने कार्यक्रमों में हम जेल बंदियों के बारे में भी आवाज उठाएं।
रूपेश कुमार सिंह (पत्रकार)
विचाराधीन बंदी, हाई सेक्यूरिटी सेल
आदर्श सेंट्रल जेल बेऊर, पटना
(जेल के एसटीडी से नियमित बात-चीत के दौरान रूपेश ने 6 दिसम्बर 2025 को इप्शिता यह अपील फोन पर पढ़कर सुनाई।)