गोवा नाइट क्लब में आग : मरने वालों में अधिकतर कर्मचारी 

गोवा के अरपोरा गाँव में बिरच बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में शनिवार-रविवार की मध्यरात्रि लगी आग में मारे गए लोगों में अधिकांश क्लब में काम कर रहे कर्मचारी हैं। 

आग में 25 लोगों की मौत हुई है जिनमें 21 क्लब के कर्मचारी हैं। यह देश के विभिन्न हिस्सों, जैसे उत्तराखंड, झारखंड, असम के अलावा नेपाल से रोजगार के लिए आए युवक थे जो पंद्रह से पच्चीस हजार रुपये कमा रहे थे। क्लब में वह रसोइये, शेफ अथवा सपोर्ट स्टाफ के रूप में काम कर रहे थे। 

प्रारम्भिक जांच के अनुसार इनमें से कइयों की मौत बेसमेंट में बने किचन में धुआँ भर जाने के कारण दम घुटने के कारण हुई। 

मृतकों में झारखंड के तीन युवकों में दो भाई बिनोद महतो और प्रदीप महतो शामिल थे। जो गोवा कुछ महीने पहले ही रांची में लपुंग से आए थे और पहले सफाई का काम करते थे, इधर किचन में सब्जियां काटने का काम करने लगे। उनके रिश्तेदारों के अनुसार दोनों कुँवारे थे। उनके एक रिश्तेदार ने बताया कि गाँव में बहुत गरीबी है और कोई नौकरियां नहीं, इसलिए वह रोजी रोटी कमाने यहाँ आए थे।

रिश्तेदारों की शिकायत है कि आग लगने के बाद जब यह कर्मचारी रसोईघर में फंस गए तो किसीने उनकी मदद नहीं की। उत्तराखंड के टेहरी गढ़वाल से यहाँ शेफ के रूप में काम करने आए जितेंद्र सिंह के चचेरे आशीष रावत ने कहा कि उन्हें पता चला है कि उनके भी की मौत भी रसोईघर में धुएं से दम घुटने से हुई। उन्होंने सवाल किया कि इन लोगों को कोई बचाने क्यों नहीं आया? 

दुर्घटना में दिल्ली से आए चार पर्यटकों की भी मौत हुई है।    

इस बीच मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मीडिया को बताया कि आग में 25 लोग मारे गए हैं जिनमें से 23 की मौत धुएं के कारण दम घुटने से हुई है जबकि दो की मौत आग में झुलसने से।

उन्होंने बताया कि प्रारम्भिक जांच के अनुसार आग आंतरिक इलेक्ट्रिकल आतिशबाजी से लगी और क्लब का ज्यादातर फर्निचर लकड़ी का होने के कारण तेजी से फैली। केवल दो निकासी द्वार थे जिनसे भागकर कुछ लोग बचे जो नहीं भाग सके वह बेसमेंट में बने किचन में गए और वहाँ फंस गए। धुआँ भर जाने से उनकी दम घुटने से मौत हुई। किचन में पहले से उपस्थित कर्मचारी भी बाहर नहीं निकल सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार मजिस्ट्रेटीय जांच के आदेश दिए गए हैं और पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि मालिकों से लेकर, मंजूरियाँ देने वाले अधिकारियों, कार्यक्रम आयोजकों तक सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

क्लब संचालन करने वाले चार अधिकारियों जिनमें मुख्य महाप्रबंधक राजीव मोदक शामिल हैं को गिरफ्तार किया गया है और क्लब के मालिकों  (दिल्ली से लूथरा बंधुओं) के खिलाफ गिरफ़्तारी वारंट जारी किए गए हैं।  

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