पाटलिपुत्र की जंग: भोजपुर जिले की तीन सीटों का गुणा-गणित

पहले चरण के तहत 28 अक्तूबर को बिहार की 71 सीटों पर चुनाव होना है। अब की बार चुनाव पार्टियों के प्रत्याशियों के बीच नहीं बल्कि तीन गठबंधनों के बीच है। हालांकि मुख्य मुकाबला दो गठबंधनों के बीच ही है। एक ओर एनडीए है तो दूसरी ओर महागठबंधन। महागठबंधन का नेतृत्व राजद के तेजस्वी यादव कर रहे हैं, जिसमें कांग्रेस के अलावा तीन वाम पार्टियां भी शामिल हैं। जाहिर है तमाम पार्टियों पर भाजपा और उनकी मुख्य सहयोगी पार्टी जदयू के सामने वाम प्रत्याशी मैदान में हैं। इस चुनाव में भाजपा के बोल बिगड़ चुके हैं। साथ ही कथित मुख्यधारा के तमाम चैनलों और अख़बारों के भी। ऐसी ही एक विधानसभा क्षेत्र ‘अगिआंव’ को तमाम अख़बार नक्सल क्षेत्र बता कर पेश कर रहे हैं। ख़ैर।

तो अगिआंव विधानसभा क्षेत्र भोजपुर जिले का एकमात्र आरक्षित (अनुसूचित) सीट है और आरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। परिसीमन के बाद साल 2008 में यह सीट अस्तित्व में आई है। इस सीट पर सीपीआई-एमएल (महागठबंधन) के मनोज मंजिल का मुकाबला वर्तमान विधायक और जदयू (एनडीए) के प्रभुनाथ प्रसाद से है। इस सीट के अन्य उम्मीदवार मनुराम राठौर (रालोसपा) और राजेश्वर पासवान (लोजपा) हैं।

यूपी और बिहार में चुनाव हो और जातीय समीकरण की बात न हो तो मजा नहीं आता। तो इस सीट का जातीय समीकरण यह है कि यहां 10 प्रतिशत मतदाता अनुसूचित जाति के हैं। पौने तीन लाख मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में राजपूत वोटर 30 हजार, यादव वोटर 60 हजार, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, अल्पसंख्यक 60 हजार और भूमिहार वोटर 25 हजार और पासवान वोटर 20 हजार के करीब हैं।

पिछले विधानसभा यानि 2015 के चुनाव में यहां पर जदयू-राजद गठबंधन से जदयू के प्रभुनाथ प्रसाद चुनाव जीते थे। उन्हें कुल 52276 वोट मिले थे, जबकि भारतीय जनता पार्टी के शिवेश कुमार को कुल 37,572  और भाजपा माले के मनोज मंजिल को 31,789 वोट मिले थे। अगिआंव विधानसभा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों से लगातार छोटे-बड़े आंदोलन होते रहे हैं। मनोज मंजिल किसान, मजदूर और बेरोजगारी के तमाम मुद्दों को लेकर लगातार सड़कों पर लोगों के साथ दिखे हैं। उनके ऊपर इन्हीं जनांदोलनों के चलते कुल 28 केस दर्ज किए गए हैं। जिस दिन उन्होंने बतौर उम्मीदवार अपना नामांकन किया था, उसी दिन उन्हें गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया था। इस चुनाव में जनता की वो पहली पसंद हैं।

वहीं विरोधी प्रतिद्वंद्वी और सत्ताधारी पार्टी के विधायक प्रभुनाथ प्रसाद के खिलाफ जनता में आक्रोश है। लोगों ने उन्हें चुन कर विधानसभा भेजा था, बावजूद इसके जनता को अपनी मांगो को लेकर सड़कों पर उतरना पड़ा। विधायक महोदय जनता का हाल जानने तक नहीं गए।

भोजपुर जिले में कुल सात विधानसभा क्षेत्र हैं। अब बात करते हैं इस जिले के संदेश विधानसभा क्षेत्र की। इस सीट से 2015 में राष्ट्रीय जनता दल के विधायक अरुण यादव एक किशोरी से बलात्कार के बाद से ही फरार हैं। पार्टी ने उनकी पत्नी किरण देवी को प्रत्याशी बनाया है। जबकि जदयू (एनडीए) ने उनके खिलाफ पूर्व विधायक बिजेंद्र यादव को उतारा है। वहीं लोजपा ने श्वेता सिंह को प्रत्याशी बनाया है।

पिछले चुनाव में राजद के अरुण यादव 74,306 मत पाकर विधायक बने थे, जबकि उनके प्रतिद्वंदी भाजपा के संजय टाइगर को 48,835 मत और भाकपा माले के राजू यादव को 15869 मत मिले थे। जातीय समीकरण की बात करें तो 2.84 लाख मतदाता वाली इस सीट पर सबसे ज्यादा 75 हजार यादव मतदाता, 60 हजार राजपूत मतदाता के अलावा 20 हजार भूमिहार मतदाता हैं। दूसरी जातियां जैसे, रविदास, पासवान, कोइरी और ब्राह्मण भी अच्छी संख्या में हैं।

संदेश विधानसभा क्षेत्र के चुनावी मुद्दे में प्रमुख रूप से डेदुआ पंप कैनाल योजना का निर्माण और सोन नदी में जारी अवैध बालू खनन पर रोक और आरा-सहार पथ व आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर लगने वाले जाम की समस्या से निजात दिलाना शामिल है। इसके अलावा बेरोजगारी, स्कूल, अस्पताल, सड़क पानी और बिजली जैसे स्थानीय मुद्दे तो हैं ही। 

करीब तीन लाख मतदाताओं वाली जदगीशपुर विधानसभा सीट भोजपुर जिले की सबसे चर्चित सीट रही है। जदयू  (एनडीए) ने दावा पंचायत की चर्चित मुखिया शुषुमलता को अपना प्रत्याशी बनाया है। कल यानि 18 अक्तूबर को उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया है। उनके मुकाबले आरजेडी (महागठबंधन) ने वर्तमान विधायक राम किशुन सिंह लोहिया को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं बिहार सरकार के पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा लोजपा के प्रत्याशी के तौर पर मैदान में हैं। पिछले चुनाव में आरजेडी के राम किशुन सिंह ने 10,195 मतों से रालोसपा प्रत्याशी राकेश रौशन को हराया था।

तीन लाख मतदाताओं वाले जगदीशपुर क्षेत्र में पिछड़ा, अति पिछड़ा मतदाताओं की संख्या 60 हजार और अल्पसंख्यक मतदाता 15 हजार हैं। इनके अलावा 55 हजार वोटर यादव, तकरीबन 45 हजार कुशवाहा और 30 हजार राजपूत मतदाता, 15 हजार भूमिहार मतदाता हैं।

जगदीशपुर विधानसभा सीट पर किसानों के खेतों तक पानी, सिंचाई के लिए अलग से ट्रांसफार्मर लगाने और किसानों को सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ जैसे मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा जदगीशपुर को पर्यटन स्थल का दर्जा देने का मुद्दा भी शामिल है। महिला सुरक्षा और रोजगार बिहार में एक प्रमुख मुद्दा है ही।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

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