प्रफुल्ल कोलख्यान

हिंसा और आतंक के विरुद्ध भारत का भविष्य और लोकतंत्र उम्मीद से है।

सामने 2024 का आम चुनाव है। इस चुनाव में भारत के लोगों को बहुत सोच-समझकर अपने मताधिकार… Read More

लोकतंत्र में चुनाव लघुता का पर्व और गर्व होता है, प्रभुता का पर्व और प्रसाद नहीं‎

लोकतंत्र में चुनाव सबसे बड़ा पर्व होता है, लोकतंत्र का पर्व। लोकतंत्र का पर्व असल में किस… Read More

तमाम प्रतिकूलताओं के बावजूद जनविवेक से स्थिति में बदलाव होगा

भारत में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर कुछ गहरी आशंकाएं उभर रही हैं। इतिहास की गहरी घाटियों… Read More

पुरखे आते हैं देखने, कुर्बानियों की कद्र और वोट ठगेरों से बचने के उपाय

पर्व त्यौहार के दिन लोग नये-नये कपड़े पहनते हैं। अच्छा-अच्छा खाना खाते हैं। खुश रहते हैं। खुशियां… Read More

लोक-लुभावन राजनीति के गगनचर सपनों के सुराख से सड़क का जायजा

विभिन्न विश्व मानकों पर भारत की स्थिति सकारात्मक और सराहनीय नहीं कही जा सकती है। विश्व-गुरु बनने… Read More

तर्कशील लोकतंत्र और तर्कातीत चुनाव में आयुधीकृत अर्धसत्य का विष-प्रभाव

युवाओं का सभ्यता के विकसित होने में बड़ा योगदान रहा है। कहना न होगा कि ‎‘विकसित भारत’… Read More