प्रफुल्ल कोलख्यान

‎‎‘एक सूत्रीय भारतबोध’ के कुत्सित इरादों के विरुद्ध ‘सामासिक भारतबोध’‎ के आग्रह ‎और अपील

आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के द्वारा गिरफ्तार कर लिये जाने… Read More

आम चुनाव कैसा होगा और इससे भारत के कष्टों का ‎उपचार कैसे होगा ?

भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष दिनेश कुमार खारा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के ‎अनुपालन में ‎हलफनामा… Read More

रगों में बहनेवाले खून के पानी बन जाने से पहले, ‎ इस तालाब का पानी ‎बदलना जरूरी है ‎

आम चुनाव 2024 भारत के सामने है। चुनाव यानी लोकतंत्र का सब से बड़ा पर्व। भारत के… Read More

सांगठनिक अनुपस्थिति के बावजूद वाम विचार में ही विपक्ष का प्राण है

आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) ‎लागू है। देखना दिलचस्प होगा कहां-कहां, कौन-कौन, कितना-कितना और कैसे-कैसे… Read More

लोकतंत्र शक्ति के दंभ या दंभ की शक्ति पर नहीं, सहयोग की संभावना पर जिंदा रहता है

आज-कल भारत में शक्ति की बहुत चर्चा है। सामने आम चुनाव है। लोकतंत्र में चुनाव शक्ति संयोजन… Read More

विराटता की उद्दंडता के विरुद्ध मनुष्य की लघुता की सहकारी ‎और समवायी ‎विनम्रता की स्वतंत्रता का उपकरण है लोकतंत्र

विचारधारा का सवाल सभ्यता पर विचार करने वाले के मन में कभी-न-कभी जरूर उठता है। यह मानने… Read More

‘मिथ और रियलटी’ की लड़ाई में ‘फेक और फेवरेबल’ का मुकाबला सत्ता के भ्रमास्त्र से है

अब चुनाव की घोषणा हो चुकी है। आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। 2024 का आम… Read More

लोकतांत्रिक राजनीति के ‘दुष्टीकरण’ और ‎‘लुच्चीकरण’ की ‎‎‘राजतांत्रिक राजनीति’ की फांस

भारत इन दिनों विश्वास और अभ्यास के सवाल से जूझ रहा है। चतुर्दिक टकराव से घिर रहा… Read More

सहज बुद्धिमत्ता के सहारे विषाक्त हितैषिता ‎की फांस से ‎‎‘मतबल’ ‎को बाहर रखना जरूरी है

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भारतीय स्टेट बैंक ने चुनावी चंदा (Electoral Bonds) ‎ से संबंधित कागजात… Read More