अब जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नरेंद्र मोदी सरकार कई मुद्दों पर लगातार पांव आगे-पीछे कर… Read More
प्रफुल्ल कोलख्यान
भारत में अगस्त महीना का अतिरिक्त महत्व का होता है। 9 अगस्त 2024 को कोलकाता के आरजी… Read More
हिफाजत और हिरासत में क्या फर्क है! हिरासत में हिफाजत करना हिरासत में लेनेवाली शक्ति का दायित्व… Read More
सभ्यता की शुरुआत से ही अनवरत आवाज गूंजती रही है, ‘न्याय चाहिए, न्याय चाहिए’! कानून का राज… Read More
भारत में लोकतंत्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखनेवाले राजनीतिक नेताओं की जरूरत है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने… Read More
पिछले बीस-तीस साल में समय बहुत बदल गया है। न तो ऐसा अंधेरा सभ्यता ने पहले कभी… Read More
ऐसा लगता है कि भारत में ही नहीं, दुनिया के बड़े हिस्सा में विपत्तियों और आपदाओं का… Read More
साहित्य, समाज और जनतंत्र के संबंधों के विभिन्न स्तर और आयाम का अवधाराणात्मक अध्ययन और मानव संबंध… Read More
सभ्यता पर आरंभ से ही किसी-न-किसी तरह से न्याय का सवाल दबाव में रहा है। साथ ही,… Read More
एक बात जो साफ-साफ दिखती है, वह है उन की बेचैनी। जिस बात को समर्थक नेता और… Read More