न्याय का सवाल सभ्यता का मौलिक सवाल है। अन्याय शक्तिशालियों का आयुध होता है और न्याय शक्ति-हीनों… Read More
प्रफुल्ल कोलख्यान
आजादी का पहला प्रसंग है, बोलने की आजादी। प्राणी धरती पर अस्तित्व में आते ही अपनी उपस्थिति… Read More
भारत बहुत बड़ा एवं पुराना देश और सही अर्थों में अपेक्षाकृत नया राष्ट्र है। पुराने देश और… Read More
अभी भी भारत में लोकतंत्र और नागरिक अधिकार का सवाल बना हुआ है। किसानों में व्यापक अ-संतोष… Read More
यह सच है कि भिन्न-भिन्न कारणों भारत के आम लोगों को बजट का इंतजार था। एक बड़ा… Read More
भारतीय राजनीति और इसलिए जीवन में भी बार-बार दो शब्द सुनाई देते हैं, वाम और दक्षिण। सुनाई… Read More
दुनिया कहां-से-कहां पहुंच गई। दुनिया की समस्या से भारत की समस्या को कुछ भिन्न प्रकार से देखने-दिखाने… Read More
भारत में पिछले कई सालों से साधारण बातचीत से लेकर गंभीर चर्चा और ज्ञान-विमर्श यानी समाज में… Read More
भारत के लोगों को इस समय गहरे अर्थ में निष्कपट आत्मावलोकन की जरूरत है। राजनीतिक और आर्थिक… Read More
इतना तो तय है कि पूरी दुनिया की व्यवस्था में बदलाव की हवा चल रही है। इस… Read More