हिफाजत और हिरासत में क्या फर्क है! हिरासत में हिफाजत करना हिरासत में लेनेवाली शक्ति का दायित्व… Read More
प्रफुल्ल कोलख्यान
सभ्यता की शुरुआत से ही अनवरत आवाज गूंजती रही है, ‘न्याय चाहिए, न्याय चाहिए’! कानून का राज… Read More
भारत में लोकतंत्र के प्रति गहरी प्रतिबद्धता रखनेवाले राजनीतिक नेताओं की जरूरत है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने… Read More
पिछले बीस-तीस साल में समय बहुत बदल गया है। न तो ऐसा अंधेरा सभ्यता ने पहले कभी… Read More
ऐसा लगता है कि भारत में ही नहीं, दुनिया के बड़े हिस्सा में विपत्तियों और आपदाओं का… Read More
साहित्य, समाज और जनतंत्र के संबंधों के विभिन्न स्तर और आयाम का अवधाराणात्मक अध्ययन और मानव संबंध… Read More
सभ्यता पर आरंभ से ही किसी-न-किसी तरह से न्याय का सवाल दबाव में रहा है। साथ ही,… Read More
एक बात जो साफ-साफ दिखती है, वह है उन की बेचैनी। जिस बात को समर्थक नेता और… Read More
रोजगार और निश्चित आय का अभाव अपने-आप में अन्याय और भयावह विषमता का कारण बन जाता है।… Read More
केरल के 30 जुलाई 2024 को वायनाड में भीषण भू-स्खलन आया। वायनाड से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी… Read More