संस्कृति-समाज

दुनिया की शांति,सौहार्द और सार्वभौमिकता को बचाने का कलात्मक आशावाद है थियेटर ऑफ़ रेलेवंस नाट्य दर्शन !

आज पूंजी, पूंजीवाद से अलग हो सिर्फ़ पूंजी का एकाधिकार चाहती है। उसी का संघर्ष अमेरिका में… Read More

‘ताकि सनद रहे आपातकाल में लोकसभा’ की समीक्षा:  लोकतंत्र के काले और भयावह दौर में लोकसभा की कार्यवाही

राजगोपाल सिंह वर्मा का नाम आज किसी तआरुफ़ का मोहताज नहीं। बीते पांच साल में ऐतिहासिक सब्जेक्ट… Read More

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय : अपने ही घर में बेगाने हुए प्रेमचंद, अमरकांत, नामवर सिंह

हिंदी विश्वविद्यालय इस समय ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां प्रेमचंद की जयंती पर महज अभिवादन… Read More

मौलाना हसरत मोहानी के 150वें जयंती वर्ष पर हैदराबाद में सेमिनार सम्पन्न

हैदराबाद। ‘तेलंगाना प्रगतिशील लेखक संघ’, ‘तेलंगाना साहित्य अकादमी’ और ‘तेलंगाना उर्दू अकादमी’ के संयुक्त तत्वावधान में हैदराबाद… Read More

85वां शहीद दिवस: क्रांतिकारी आकाशगंगा के “प्रकाश पुंज” शहीद उधम सिंह

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जिस ढंग से प्रस्तुत किया गया है, उससे तीन बातें स्पष्ट… Read More