सबरीमाला : सुप्रीम कोर्ट में तीसरे दिन बोली सरकार- 2018 के फैसले में पुरुषों के श्रेष्ठ होने की धारणा

केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर चल रहे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में… Read More

बकौल मुक्तिबोध प्रगतिशील लेखकों को अभिव्यक्ति के ख़तरे उठाने ही होंगे!

प्रगतिशील साहित्य ‘विज्ञान से प्रेम’ और ‘कला जनता के लिए’ इन दो सिद्धन्तों को मिलाकर चलता है।… Read More

सबरीमाला: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धर्म में अंधविश्वास क्या है, इसका फैसला करने का हमें अधिकार 

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े 2018 के फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट अब धर्म के भीतर… Read More

‘सत्य को बयां करने के रास्ते की मुश्किलों के बारे में’ क्या लेखक सचेत और सक्रिय हैं?

(जनवादी लेखक संघ, दिल्ली के 10 वें राज्य सम्मेलन (4 अप्रैल 2026)  में प्रस्तुत वक्तव्य का संशोधित… Read More